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तीसरी मुंबई बनेगी महाराष्ट्र का ग्रोथ इंजन, किसानों को जमीन के कागज मिलने के बाद ही होगा भूमिपूजन: फडणवीस

मुख्यमंत्री ने नैना परियोजना को लेकर किसानों को भरोसा दिया कि उनकी समस्याएं दूर होने तक सरकार उनके साथ खड़ी रहेगी।

राहुल गुप्ता

मुंबई, 25 अक्टूबर। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि तीसरी मुंबई राज्य के विकास में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नैना परियोजना का भूमिपूजन तभी किया गया, जब किसानों को उनकी जमीन से जुड़े दस्तावेज देने की प्रक्रिया पूरी की गई। फडणवीस ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का समाधान होने तक सरकार उनके साथ रहेगी।

किसानों की आशंकाएं दूर करने पर जोर

फडणवीस ने कहा कि हवाई अड्डे के आसपास के क्षेत्र का सही तरीके से विकास नहीं किया गया तो वहां अनियोजित विकास होने का खतरा है। इसी को ध्यान में रखते हुए नैना परियोजना शुरू करने की दिशा में काम किया गया। उन्होंने बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने भी इस परियोजना को मंजूरी दी थी।

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मुख्यमंत्री के मुताबिक, किसानों को उनकी जमीन के बदले 40 प्रतिशत जमीन देने की बात है, लेकिन यह जमीन कहां दी जाएगी, इसकी जानकारी नहीं होने से किसानों के मन में आशंकाएं थीं। सरकार ने सिडको को अंतिम विकास योजना में जरूरी सुधार कर उसे दोबारा पेश करने का निर्देश दिया।

समस्याओं के समाधान तक किसानों के साथ सरकार

फडणवीस ने कहा कि परियोजना को लेकर पिछले दो वर्षों से कुछ अड़चनें थीं, जिन्हें उन्होंने और एकनाथ शिंदे ने बैठक में दूर किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों के सवाल हल होने तक वे उनके साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विकास से पैदा होने वाले अवसरों पर सबसे पहला अधिकार स्थानीय लोगों का होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने नैना परियोजना पर जानकारी देने वाली पुस्तक प्रकाशित करने के लिए सिडको की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक में परियोजना से जुड़ी जरूरी जानकारियां दी गई हैं।

तीसरी मुंबई को बेहतर कनेक्टिविटी देने की तैयारी

फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में ठाणे, रायगढ़, नवी मुंबई और पालघर जैसे क्षेत्र विकास के प्रमुख केंद्र बन रहे हैं। तीसरी मुंबई भी राज्य के विकास को गति देने वाले केंद्र के रूप में उभरेगी।

उन्होंने नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक बेहतर कनेक्टिविटी का जिक्र करते हुए कहा कि मुंबई में वर्ली से अटल सेतु तक सिग्नल-मुक्त यात्रा की व्यवस्था होगी। इसके अलावा, विभिन्न परियोजनाओं को एकीकृत कर इस क्षेत्र में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी योजना है।

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