शिवराज सिंह चौहान ने चंडीगढ़ में CBDC आधारित DBT का शुभारंभ किया, PDS में अधिक पारदर्शिता का मार्ग प्रशस्त
फाइलों से लोगों के जीवन तक : शिवराज सिंह चौहान ने चंडीगढ़ में CBDC आधारित DBT पायलट का शुभारंभ किया
पारदर्शी खाद्यान्न वितरण के नए युग की शुरुआत : शिवराज सिंह चौहान ने चंडीगढ़ में CBDC आधारित DBT का शुभारंभ किया
प्रौद्योगिकी और खाद्य सुरक्षा का संगम: चंडीगढ़ ने पारदर्शी PDS वितरण के लिए CBDC आधारित DBT मॉडल शुरू किया
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 14 अगस्त 2026 : केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में आयोजित कार्यक्रम में सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने की। केंद्रीय शिक्षा, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी और केंद्रीय उपभोक्ता मामले एवं खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बंभानिया विशेष अतिथि के रूप में कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।
इस अवसर पर चंडीगढ़ के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद, भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव श्री संजीव चोपड़ा, यू.टी. चंडीगढ़ के खाद्य एवं आपूर्ति सचिव मोहम्मद मंसूर एल, भारतीय रिजर्व बैंक के कार्यकारी निदेशक पी. वासुदेवन और पंजाब नेशनल बैंक के कार्यकारी निदेशक डी. सुरेंद्रन सहित भारत सरकार चंडीगढ़ प्रशासन, RBI, PNB तथा अन्य सहयोगी संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी एवं हितधारक भी उपस्थित रहे।
चौहान ने कहा कि यह पहल सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में अधिक पारदर्शिता, सुरक्षा और समयबद्धता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में किसानों और गरीबों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
पारदर्शिता और विश्वास के लिए नई व्यवस्था
चौहान ने कहा कि CBDC आधारित DBT प्रणाली के माध्यम से राशन और खाद्यान्न के लिए निर्धारित राशि सीधे, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से लाभार्थियों तक पहुंचेगी। चंडीगढ़ में शुरू किया गया यह पायलट देशभर में अपनाए जाने के लिए एक मॉडल के रूप में कार्य करेगा।

नई व्यवस्था में तकनीकी सुरक्षा उपाय शामिल किए गए हैं ताकि लाभार्थी प्राप्त राशि का उपयोग केवल खाद्यान्न और अन्य आवश्यक खाद्य वस्तुओं की खरीद के लिए कर सकें तथा राशि का अन्य उद्देश्यों के लिए उपयोग न हो। साथ ही लाभार्थियों को अधिक विकल्प भी मिलेंगे। गेहूं और चावल के अलावा वे दालों अथवा अन्य आवश्यक खाद्य वस्तुओं का विकल्प भी चुन सकेंगे।
चौहान ने इस प्रणाली को विकसित करने के लिए विभागीय टीम और अधिकारियों की सराहना करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण तकनीकी नवाचार बताया।
किसानों के हितों के प्रति प्रतिबद्धता
चौहान ने स्पष्ट किया कि कृषि नीति और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दुनिया के विभिन्न देशों के साथ किसानों से संबंधित सभी समझौते इस सिद्धांत पर आधारित रहे हैं कि राष्ट्रीय हित, किसान हित और जनहित सर्वोपरि रहें।
उन्होंने कहा कि देश के पास गेहूं और चावल का पर्याप्त भंडार है और भारत अब अपनी घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर निर्यात करने में भी सक्षम है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में PM-KISAN सम्मान निधि सहित अन्य लाभों का पारदर्शी तरीके से वितरण जारी रहेगा तथा किसानों की सुरक्षा और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी।
संसद में व्यवधान पर कड़ी टिप्पणी
कार्यक्रम के दौरान चौहान ने संसद में व्यवधान और विपक्ष के आचरण पर भी कड़ी टिप्पणी की तथा कहा कि लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के व्यवधान संविधान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अपमान हैं तथा राष्ट्रीय हित में आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे। चौहान ने कहा कि लोकतंत्र में बहस और चर्चा आवश्यक है लेकिन व्यवधान स्वीकार्य नहीं है।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और सामाजिक सुरक्षा
केंद्रीय मंत्री चौहान ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की सराहना करते हुए कहा कि 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराना देश के प्रमुख सामाजिक सुरक्षा उपायों में से एक है।
उन्होंने कहा कि यह योजना केवल लोगों की खाद्य आवश्यकता पूरी करने तक सीमित नहीं है बल्कि परिवारों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करती है। घरेलू खर्च कम होने से परिवार अपनी बचत का उपयोग बच्चों की शिक्षा और अन्य आवश्यक जरूरतों के लिए कर सकते हैं।
चौहान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी गरीब व्यक्ति भूखा न रहे और किसी भी परिवार की थाली में खाद्यान्न की कमी न हो।
DBT के लाभ और नई तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि DBT ने यह सुनिश्चित किया है कि लाभ सीधे खाताधारकों तक पहुंचे जिससे बिचौलियों और अनियमितताओं की संभावना कम हुई है।
उन्होंने कहा कि दूसरी ओर जब राशि नकद रूप में स्थानांतरित होती है तो उसके इच्छित उद्देश्य के अलावा अन्य कार्यों में उपयोग किए जाने की संभावना रहती है। इसी कारण CBDC आधारित प्रणाली में ऐसी तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था की गई है जिससे लाभ का उपयोग सीधे राशन और अन्य खाद्य वस्तुओं की खरीद के लिए किया जा सके और इसके दुरुपयोग को रोका जा सके।

उन्होंने इस तकनीकी नवाचार को विकसित करने के लिए विभाग की फिर से सराहना की।
चंडीगढ़ बनेगा मॉडल सिटी
चंडीगढ़ की विशिष्ट पहचान और यहां के नागरिकों में मौजूद नागरिक चेतना का उल्लेख करते हुए चौहान ने कहा कि यदि शहर में शुरू किया गया यह प्रयोग सफल रहता है तो इसे धीरे-धीरे देशभर में विस्तारित किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों से स्थानीय चुनौतियों का समाधान करने तथा व्यवस्था का विस्तार सुनिश्चित करने का आग्रह किया ताकि इसका लाभ प्रत्येक परिवार तक पहुंच सके।
चंडीगढ़ की सराहना करते हुए श्री चौहान ने कहा कि यह शहर अनुशासन, स्वच्छता और नागरिक जिम्मेदारी की मजबूत भावना का परिचायक है।
नागरिकों से भावनात्मक अपील
स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए केंद्रीय मंत्री चौहान ने कहा कि नागरिकों को देश के लिए जीने और अपने नागरिक कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करने का संकल्प लेना चाहिए।

उन्होंने नागरिकों से ‘हर घर तिरंगा’ अभियान में भाग लेने की अपील की और कहा कि शहीदों के सपनों को साकार करने का सबसे अच्छा तरीका ईमानदारी से कार्य करना और देश के विकास में योगदान देना है।
चौहान ने नागरिकों से पर्यावरण के हित में भी गतिविधियां करने तथा पौधारोपण जैसे कार्यों में भाग लेने की अपील की।
सरकार लोगों के जीवन में दिखाई देनी चाहिए
शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस संकल्प को दोहराया कि “सरकार केवल फाइलों में दिखाई नहीं देनी चाहिए बल्कि लोगों के जीवन में दिखाई देनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ का यह कार्यक्रम इसी दृष्टिकोण का प्रतिबिंब है जहां प्रौद्योगिकी और सरकारी नीतियों का उपयोग आम नागरिकों के दैनिक जीवन में ठोस सुधार लाने के लिए किया जा रहा है।
चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार लोगों की सेवा के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और आने वाले समय में और बड़े लक्ष्य हासिल किए जाएंगे। इनमें ‘लखपति दीदी’ का लक्ष्य भी शामिल है जिसके तहत वर्ष 2029 तक 6 करोड़ ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने का संकल्प लिया गया है।
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