ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर सरोवर की लहराती लहरें भी सरोबार होकर शिल्पकारों और लोक कलाकारों की अदभुत कला स्वागत करती आ रही हैं नजर
कुरुक्षेत्र / चण्डीगढ़, 30 नवंबर – लगभग 3.4 किलोमीटर की परिधि में समाहित लहराता ब्रह्मसरोवर भी इस अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव की गाथा को ब्यां करता हुआ नजर आ रहा है। इस सरोवर के घाटांे पर टेराकोटा रिलीफ वर्क से निर्मित प्रतिमाएं भी पुराणों में लिखी हुई महाभारत की इस गाथा को ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर जीवंत करने का काम कर रही है। इतना ही नहीं ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर सरोवर की लहराती लहरें भी सरोबार होकर इन शिल्पकारों की अद्भुत शिल्पकला और कलाकारों की लोक संस्कृति का स्वागत करती हुई नजर आ रही है।
21 दिन तक चलने वाले इस अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2025 में ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर दूसरे राज्यों से आए लोक कलाकारों की लोक कला ने सभी पर्यटकों को मंत्रमुग्ध करने का काम किया है। इतना ही नहीं जब इस पावन तट पर बीन का लहरा और ढोल नगाडे की थाप पर सरोवर की लहरें भी उछल-उछल कर खुद को समर्पित करती हुई नजर आ रही है।
ब्रह्मसरोवर के इस पावन तट पर संगीत और शिल्पकला का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। 3600 मीटर की लम्बाई और 1500 मीटर की चौड़ाई में समाहित इस सरोवर के चारों तरफ लोक संस्कृति और शिल्पकारों की शिल्प कला ने महोत्सव की फिजा का रंग बदलने का काम किया है। इस महोत्सव में विभिन्न राज्यों से आए हुए लोक कलाकारों ने अपने-अपने प्रदेशों की विलुप्त हुई लोक कला को प्रदर्शित कर महोत्सव में आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करने का काम किया है।
कुरुक्षेत्र महाभारत के इतिहास का एक महत्वपूर्ण स्थान है, जहां कौरवों और पांडवों के बीच महाभारत का युद्ध लड़ा गया था। इस युद्ध का उल्लेख महाभारत के वनपर्व में है और इसे धर्मक्षेत्र कहा गया है। कुरुक्षेत्र का नाम राजा कुरु के नाम पर पड़ा, जिन्होंने इस भूमि पर इंद्र से वरदान मांगा था कि यह पुण्य भूमि कहलाएगी। यहीं पर भगवान कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था।
गीता महोत्सव में शिक्षा विभाग की पेंटिंग व श्लोकोच्चारण प्रतियोगिताएं हुई सम्पन्न
पेंटिंग में गिन्नी शर्मा व नित्या तो श्लोकोच्चारण में स्पर्श व कार्तिक रहे अव्वल
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अवसर पर शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित गीता आधारित राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं रविवार को सम्पन्न हुई। स्पर्धाओं के चलते राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल का वातावरण चार दिन तक गीता के रंग में रंगा रहा। छः विधाओं में 1200 विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कक्षा 6 से कक्षा 8 वर्ग में कुरुक्षेत्र जिला ने ओवरऑल ट्रॉफी जीती तो कक्षा 9 से 12 वर्ग में कुरुक्षेत्र व सोनीपत जिला संयुक्त रूप से ओवरऑल चौंपियन बना।
श्लोकोच्चारण प्रतियोगिता में कुरुक्षेत्र के स्पर्श ने पहला, भिवानी की काशवि ने दूसरा तथा फतेहाबाद के अवरिल साईं ने तीसरा स्थान प्राप्त किया जबकि कुरुक्षेत्र की खुशी, पानीपत की परी वह गुरुग्राम की निरंजन राधिका को सांत्वना पुरस्कार मिला। गीता आधारित भाषण प्रतियोगिता में भिवानी की भौमया पहले, कैथल की नायरा दूसरे तथा फतेहाबाद की दिव्या तीसरे स्थान पर रही जबकि महेंद्रगढ़ के कमल, रोहतक के नमन दहिया व भिवानी की प्रिया को सांत्वना पुरस्कार मिला।