6 वर्षों से रोक रखे थे आलोक राय ने काम
बढ़ी उनके होने की उम्मीद
न्यूज़म ब्यूरो
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति जेपी सैनी के काम से लखनऊ विश्वविद्यालय टीचर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष खासे खुश नजर आ रहे हैं। दरअसल पिछले 6 वर्षों के आलोक राय के कार्यकाल में हुए करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार और 319 से अधिक रेगुलर नियुक्तियों और इतने ही संविदा नियुक्ति में कइयों में लेनदेन के मामलों की जांच कराने और मान्यता देने, निर्माण में घोटाला इत्यादि को लेकर लखनऊ विश्वविद्यालय टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी मुख्यमंत्री से जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
अब जब नए कुलपति आए हैं तो उन्होंने एक नोटिफिकेशन निकाल कर सभी दिन और विभाग अध्यक्ष से उनके लंबित कामों की सूची मांगी है यही नहीं विश्वविद्यालय की कुल सचिव डॉ भावना मिश्रा ने अपने द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया है कि लखनऊ विश्वविद्यालय के कार्य परिषद अगले कुछ दिनों में प्रस्तावित है, ऐसे में जिनके काम कुलपति स्तर पर या कार्य परिषद स्तर पर लटके हुए हैं वह जल्द से जल्द प्रशासनिक कार्यालय को सूचित करें।

ऐसे में कई सारे वे मास्टर भी हैं, जिनके लिफाफे नहीं खुले हैं तो कई ऐसे मास्टर भी है जिनके प्रमोशन कई वर्षों से आलोक राय ने रोक रखे थे, वही एक महिला शिक्षिका का फर्जी प्रमोशन विश्वविद्यालय में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसके अलावा राजभवन की मंजूरी के बिना ही पिछले पांच वर्षों से मजा काट रहे पांच फर्जी डीन को भी हटाने को लेकर चर्चा गरम है। जबकि परीक्षा नियंत्रक विद्यानंद त्रिपाठी के कार्यालय में व्याप्त परीक्षा काम में लगातार भ्रष्टाचार के मामले की जांच कराने को लेकर दबाव बढ़ रहा है? ऐसे में अब देखना यह है कि पिछले 6 वर्षों से नाराज चल रहे शिक्षकों का दिल नए कुलपति जीत पाएंगे या नहीं।