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“मुख्यमंत्री या तो इस्तीफ़ा दें या फिर अपने से जुड़ी बेअदबी वाली वीडियो की जांच करवाएं” : सुनील जाखड़

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आतिशी की वीडियो की फॉरेंसिक जांच जिस तेज़ी से हुई, वही तेज़ी मुख्यमंत्री से जुड़ी वीडियो के मामले में क्यों नहीं दिखाई गई, क्या यह संदेह पैदा नहीं करता ?
भाजपा 16 जनवरी को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगी

चंडीगढ़, 10 जनवरी : भारतीय जनता पार्टी के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री आतिशी द्वारा अपनी वीडियो को लेकर दी गई सफ़ाई अपने आप में ही दोष स्वीकार करने जैसी प्रतीत होती है, लेकिन इसके बावजूद पंजाब पुलिस ने एक दिन के भीतर उस वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराकर उन्हें क्लीन चिट दे दी। उन्होंने सवाल उठाया कि वही पंजाब पुलिस मुख्यमंत्री से संबंधित वीडियो की एक दिन में फॉरेंसिक जांच कर उन्हें भी क्लीन चिट क्यों नहीं दे सकी।

उन्होंने कहा कि काफ़ी समय बीत जाने के बावजूद न तो पुलिस द्वारा जांच करवाई जा रही है और न ही मुख्यमंत्री स्वयं इसकी जांच के आदेश देने का साहस दिखा रहे हैं, जो अपने आप में ही इस मामले में कुछ गड़बड़ होने का संकेत देता है। सुनील जाखड़ ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को चुनौती दी कि वे या तो अपने पद से इस्तीफ़ा दें या फिर अपने से जुड़ी कथित धार्मिक बेअदबी वाली वीडियो की तुरंत जांच करवाकर स्वयं को पूरी तरह निर्दोष साबित करें। उन्होंने कहा कि यदि आतिशी से संबंधित वीडियो की जांच एक दिन में हो सकती है, तो मुख्यमंत्री से संबंधित वीडियो की जांच भी निश्चित रूप से एक दिन में हो सकती है।

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उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री अपने से जुड़ी वीडियो की फॉरेंसिक जांच करवाने का साहस नहीं रखते, तो उन्हें मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

जालंधर पुलिस द्वारा आतिशी के बयान वाली वीडियो की एक दिन में फॉरेंसिक जांच किए जाने की तेज़ी पर टिप्पणी करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केवल एक ही वीडियो नहीं, बल्कि दो अन्य ऑडियो-वीडियो क्लिप भी लंबे समय से समाज में घूम रही हैं, जिनकी जांच करवाने से सरकार बच रही है।

उन्होंने कहा कि आतिशी ने अपनी सफ़ाई में यह बात भी स्वीकार की है कि उन्होंने “कुत्ते” शब्द का प्रयोग किया। उन्होंने सवाल किया कि यह शब्द किस संदर्भ में इस्तेमाल किया गया, क्योंकि यह अत्यंत महत्वपूर्ण है। विधानसभा की चल रही कार्यवाही के दौरान जिनकी इज्जत की बात हो रही थी, उस संदर्भ में आतिशी के बयान को समझा जा सकता है और पार्टी नेताओं की घटिया मानसिकता का आकलन किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि एक ओर पंजाब के मुख्यमंत्री श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के सम्मान में विशेष विधानसभा सत्र बुला रहे हैं और दूसरी ओर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री विधानसभा में इस तरह की निंदनीय भाषा का प्रयोग कर रही हैं।

सुनील जाखड़ ने कहा कि जहां एक ओर आतिशी की वीडियो को एक दिन में फॉरेंसिक जांच के बाद क्लीन चिट मिल जाती है, वहीं दूसरी ओर पटियाला के एसएसपी से संबंधित वह ऑडियो, जिसमें कथित तौर पर ज़िला परिषद चुनावों में हेराफेरी की योजना बनाई जा रही है, और मुख्यमंत्री से जुड़ी कथित धार्मिक बेअदबी वाली वीडियो समाज में घूम रही है। उन्होंने सरकार को चुनौती दी कि दोनों ऑडियो और वीडियो क्लिप की तुरंत किसी फॉरेंसिक लैब से जांच करवाई जाए और सच्चाई सामने लाई जाए।

उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद भी सरकार द्वारा पटियाला एसएसपी की ऑडियो की जांच को लेकर अब तक कोई जवाब नहीं दिया गया है, जबकि मुख्यमंत्री को अपने से संबंधित वीडियो की जांच करवाकर स्वयं को निर्दोष साबित करने का अवसर नहीं गंवाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अब तक इन दोनों ऑडियो-वीडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच न करवाना अपने आप में यह साबित करता है कि ये क्लिप वास्तविक हो सकती हैं।

उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री जैसे उच्च पद पर बैठे व्यक्ति के बारे में इस तरह की वीडियो का प्रसारित होना और उनके द्वारा सच्चाई स्पष्ट करने के लिए जांच न करवाना बिल्कुल भी शोभा नहीं देता।

इसके साथ ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में लगातार बिगड़ती कानून-व्यवस्था, पंजाब का नशे का केंद्र बनते जाना और बढ़ते भ्रष्टाचार को लेकर सरकार से जवाब मांगने के लिए भारतीय जनता पार्टी 16 जनवरी को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगी।

राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इस मोर्चे पर आम आदमी पार्टी की सरकार पूरी तरह विफल हो चुकी है और राज्य में लगभग कोई सरकार बची ही नहीं है।

 

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