राहुल गुप्ता
मुंबई, 4 अक्टूबर। महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष ने रविवार को मुंबई में ‘विराट गर्जना मोर्चा’ निकाला। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने इस मार्च का नेतृत्व किया। मेट्रो सिनेमा से शुरू हुआ मोर्चा मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय तक पहुंचा। कांग्रेस और शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (SP) के नेता भी इसमें शामिल हुए।
मोर्चे में किसी राजनीतिक दल का झंडा नहीं रखा गया। आयोजकों ने नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों से केवल तिरंगा लेकर आने की अपील की थी। प्रदर्शनकारियों ने SIR में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने या उनके इस्तीफे की मांग की।
उद्धव ठाकरे बोले- ‘ज्ञानेश कुमार BJP का हथियार’
मोर्चे को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बीजेपी का ‘हथियार’ बताया। उद्धव ने आरोप लगाया कि SIR के जरिए मतदाता सूची से लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं।
उन्होंने SIR के पीछे अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के नाम हटाने के तर्क पर भी सवाल उठाया। उद्धव ने पूछा कि अगर इस प्रक्रिया का मकसद ऐसे लोगों की पहचान करना है तो सरकार बताए कि कितने बांग्लादेशी नागरिक मिले हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर अवैध रूप से लोग देश में दाखिल हुए तो सीमा सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है।
उद्धव ने बीजेपी पर चुनाव और राजनीतिक दलों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी कई आरोप लगाए। ये आरोप उनके राजनीतिक भाषण का हिस्सा थे और विपक्ष की ओर से लगाए गए दावे हैं।
राज ठाकरे ने SIR रद्द करने और बैलेट पेपर की मांग की
राज ठाकरे ने महाराष्ट्र में मतदाता सूची के SIR को पूरी तरह रद्द करने की मांग की। उन्होंने चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाते हुए भविष्य में चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग की।
राज ठाकरे ने दावा किया कि मतदाता सूची में बदलाव को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने मतदाताओं की संख्या में बदलाव का जिक्र करते हुए चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की।
कांग्रेस और NCP (SP) के नेता भी हुए शामिल
मोर्चे में कांग्रेस नेता बालासाहेब थोरात और विजय वडेट्टीवार के अलावा एनसीपी (SP) के जयंत पाटील, शशिकांत शिंदे, जितेंद्र आव्हाड और अनिल देशमुख भी शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए।
बालासाहेब थोरात ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इसमें बदलाव किए गए हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने की मांग की।
शिवसेना (UBT) नेता सुषमा अंधारे ने भी चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची और फॉर्म-6 से जुड़े कथित बदलावों की जांच की मांग की।
दो दिन पहले CJP ने भी किया था प्रदर्शन
ठाकरे बंधुओं का यह मार्च मुंबई के शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किए गए ‘जेल भरो आंदोलन’ के दो दिन बाद हुआ। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर महाराष्ट्र में विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों का विरोध लगातार तेज हो रहा है।
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