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SGPC Sarai Controversy : “वीडियो बयान नहीं, मीडिया के सवालों का सामना करें हरजिंदर धामी” — बलतेज पन्नू

SGPC Sarai Controversy: Baltej Pannu raises questions over the issue SGPC Sarai Controversy: Baltej Pannu raises questions over the issue
SGPC Sarai Controversy: Baltej Pannu raises questions over the issue

SGPC Sarai Controversy को लेकर AAP नेता बलतेज पन्नू ने हरजिंदर सिंह धामी से मीडिया के सामने आने की मांग की
उन्होंने श्री आनंदपुर साहिब की सराय में एक महिला के ठहरने और सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 23 सितंबर। SGPC Sarai Controversy के बीच बलतेज पन्नू ने सराय में महिला के लंबे समय तक रहने से जुड़े सवाल उठाए।
उन्होंने पूछा कि ठहरने और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था किसने की थी।
हरजिंदर सिंह धामी ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति बनाई है।
वहीं अमरजीत सिंह चावला ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को खारिज किया है।

चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की सराय में एक महिला के ठहरने से जुड़े मामले पर कई सवाल उठाए। पन्नू ने एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी से मीडिया के सामने आकर सवालों के जवाब देने की मांग की। उन्होंने अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा के नेताओं से भी इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा।

मामले की पृष्ठभूमि में एक महिला की शिकायत के आधार पर अमरजीत सिंह चावला के खिलाफ 21 अगस्त को श्री आनंदपुर साहिब थाने में FIR दर्ज हुई थी। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, शिकायत में महिला ने सराय में बंधक बनाए जाने और दुष्कर्म के आरोप लगाए थे। चावला ने इन आरोपों को झूठा और मनगढ़ंत बताया है।

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Baltej Pannu Raises Several Questions
Baltej Pannu Raises Several Questions

SGPC Sarai Controversy : बलतेज पन्नू ने उठाए कई सवाल

SGPC Sarai Controversy को लेकर बलतेज पन्नू ने पूछा कि एक महिला एसजीपीसी द्वारा संचालित सराय में कथित तौर पर लंबे समय तक कैसे ठहरी। उन्होंने यह जानना चाहा कि उसके रहने की व्यवस्था किसने की और कमरों तथा दूसरी सुविधाओं का इंतजाम किस स्तर पर हुआ।

पन्नू ने कहा कि केवल वीडियो बयान जारी करने के बजाय एसजीपीसी नेतृत्व को पत्रकारों के सवालों का सामना करना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मामले में प्रशासनिक स्तर पर जिम्मेदारी किसकी थी। उनके ये सवाल राजनीतिक बयान के रूप में सामने आए हैं।

Baltej Pannu : विपक्षी नेताओं से भी मांगा जवाब

Baltej Pannu Sought Answers from Opposition Leaders
Baltej Pannu Sought Answers from Opposition Leaders

Baltej Pannu ने अकाली दल के वरिष्ठ नेताओं सुखबीर सिंह बादल, हरसिमरत कौर बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया का नाम लेकर उनसे मामले पर प्रतिक्रिया देने को कहा। उन्होंने कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग तथा भाजपा नेताओं से भी सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखने की मांग की।

पन्नू ने पूछा कि ये नेता टीवी बहसों में इस मुद्दे पर हिस्सा क्यों नहीं ले रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक दलों को मामले से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए। इन नेताओं की ओर से इस विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस पर प्रतिक्रिया की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध स्रोतों में नहीं मिली है।

Harjinder Singh Dhami  : जांच के लिए चार सदस्यीय समिति

Harjinder Singh Dhami को लेकर पन्नू ने सीधे मीडिया के सामने आने की मांग की। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी प्रधान को सराय में महिला के ठहरने और उससे जुड़े प्रशासनिक प्रबंधों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

इस बीच, हरजिंदर सिंह धामी ने 22 सितंबर को चार सदस्यीय जांच समिति गठित की। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, समिति को 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है। धामी ने अमरजीत सिंह चावला का एसजीपीसी सदस्य पद से इस्तीफा स्वीकार किया और अकाल तख्त द्वारा निष्कासन के एक दिन बाद अतिरिक्त हेड ग्रंथी मलकीत सिंह की सेवाएं भी समाप्त कीं।

Amarjit Singh Chawla  : आरोपों से इनकार

Amarjit Singh Chawla पर दर्ज FIR में एक महिला ने गंभीर आरोप लगाए हैं। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, FIR में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64, 127(2) और 351(2) लगाई गई थीं। चावला ने आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें झूठा और मनगढ़ंत बताया।

अकाल तख्त की ओर से 20 सितंबर को चावला और अतिरिक्त हेड ग्रंथी मलकीत सिंह को खालसा पंथ से निष्कासित किए जाने की जानकारी भी सामने आई। यह कार्रवाई मामले से जुड़े आरोपों और विवाद के बीच हुई।

SGPC Accountability  : सराय प्रबंधन पर उठे सवाल

पन्नू ने इस पूरे घटनाक्रम को SGPC Accountability से जोड़ते हुए धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता की मांग की। उन्होंने कहा कि सिख संगत को संस्थाओं के कामकाज और प्रशासनिक फैसलों के बारे में सवाल पूछने का अधिकार है।

उन्होंने पुराने कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े विवादों का भी उल्लेख किया और कहा कि ऐसे मामलों में स्पष्ट जवाब जरूरी हैं। हालांकि, इन पुराने मामलों के बारे में पन्नू द्वारा लगाए गए आरोपों को इस रिपोर्ट के स्वतंत्र स्रोत से पूरी तरह सत्यापित नहीं किया गया है।

मामले की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर

मामले में पुलिस जांच, एसजीपीसी की आंतरिक जांच और अकाल तख्त की कार्रवाई अलग-अलग स्तरों पर सामने आई है। पुलिस के पास दर्ज FIR की जांच अभी महत्वपूर्ण है। वहीं एसजीपीसी की चार सदस्यीय समिति सराय से जुड़े प्रशासनिक पहलुओं की जांच करेगी।

ऐसे में इस विवाद से जुड़े आगे के घटनाक्रम में जांच रिपोर्ट, पुलिस कार्रवाई और संबंधित पक्षों के सार्वजनिक बयानों पर नजर रहेगी। वर्तमान में सामने आए आरोपों और प्रत्यारोपों के बीच अंतिम निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही स्पष्ट होगा।

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