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सेल्फ-डिफेंस है एक ज़रूरी लाइफ स्किल : गवर्नर गुलाब चंद कटारिया

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न्यूज़म ब्यूरो 

चंडीगढ़, 3 फरवरी 2026। पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ के एडमिनिस्ट्रेटर गुलाब चंद कटारिया ने मंगलवार को सेल्फ-डिफेंस को एक ज़रूरी लाइफ स्किल बताया जो कॉन्फिडेंस, अलर्टनेस और हिम्मत बढ़ाता है। गवर्नर कटारिया ने पंजाब यूनिवर्सिटी के लॉ ऑडिटोरियम में सेल्फ-डिफेंस ट्रेनिंग वर्कशॉप के समापन समारोह में अपने विचार रखे। वर्कशॉप में 60 बीडीएस स्टूडेंट्स और पांच फैकल्टी मेंबर्स शामिल हुए, जिसे पंजाब यूनिवर्सिटी के डॉ. हरवंश सिंह जज इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज एंड हॉस्पिटल ने चंडीगढ़ पुलिस की स्वयं सेल्फ-डिफेंस ट्रेनिंग टीम के साथ मिलकर आयोजित किया था।

कार्यक्रम में गवर्नर कटारिया ने ज़ोर देकर कहा कि आत्मरक्षा केवल एक शारीरिक कौशल नहीं हैै, बल्कि एक ज़रूरी लाइफ स्किल है, खासकर स्टूडेंट्स और युवतियों के लिए।

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उन्होंने कहा कि इस तरह की ट्रेनिंग से कॉन्फिडेंस, मेंटल अलर्टनेस, हिम्मत और मुश्किल हालात में समय पर फैसले लेने की काबिलियत बढ़ती है। उन्होंने रेगुलर फिजिकल फिटनेस और वर्कआउट रूटीन के ज़रिए लगातार प्रैक्टिस के महत्व पर ज़ोर दिया। साथ ही अपने समय के हर मिनट का बेहतर इस्तेमाल करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि डिसिप्लिन्ड टाइम मैनेजमेंट, फिजिकल ताकत, मेंटल लचीलापन ओवरऑल पर्सनैलिटी डेवलपमेंट करने में ज़रूरी भूमिका निभाता है।

पंजाब के गवर्नर ने पी.यू. की वाइस चांसलर प्रो. रेनू विग, चंडीगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर जनरल पुष्पेंद्र कुमार, डेंटल कालेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक गुप्ता और यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन के प्रयासों की तारीफ़ की, जिन्होंने जीवन कौशल, खुद की सुरक्षा और अनुशासन को एकेडमिक्स के साथ जोडक़र होलिस्टिक एजुकेशन को बढ़ावा दिया।

गवर्नर ने भरोसा जताया कि वर्कशॉप के दौरान सीखी गई स्किल्स स्टूडेंट्स को ज़्यादा सुरक्षित, ज़्यादा कॉन्फिडेंट, डिसिप्लिन्ड और सेल्फ-रिलायंट जिंदगी जीने में मदद करेंगी।

इस अवसर पर वीसी रेनू विग ने कहा कि यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने महिला स्टूडेंट्स के अच्छे एकेडमिक परफॉर्मेंस और स्पोर्ट्स, योग, कम्युनिटी आउटरीच और स्कूल एंगेजमेंट प्रोग्राम्स पर पैरेलल फोकस का जि़क्र किया।

प्रिंसिपल दीपक कुमार गुप्ता ने कहा कि इस वर्कशॉप का मकसद स्टूडेंट्स को एग्जाम के बाद की जि़ंदगी के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि वर्कशॉप से प्रतिभागियों के कॉन्फिडेंस और डिसिप्लिन में साफ़ सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि पर्सनल सेफ्टी और मानसिक लचीलापन प्रोफेशनल एजुकेशन का ज़रूरी हिस्सा हैं।

इंस्पेक्टर जनरल पुष्पेंद्र कुमार और स्वयं टीम के मेंबर्स को प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देने के लिए सराहा गया। जिसमें सुरक्षा तकनीक और इमरजेंसी स्थिती में रिस्पॉन्स शामिल थे।

इस कार्यक्रम में डायरेक्टर रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल प्रो. मीनाक्षी गोयल, फैकल्टी मेंबर्स, चंडीगढ़ पुलिस स्वयं टीम के रिप्रेजेंटेटिव और डेंटल स्टूडेंट्स शामिल हुए। वहीं डॉ. सुरुचि ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा और वर्कशॉप को स्टूडेंट्स के पूरे जीवन भर के लिए आत्मविश्वास व आत्म निर्भरता की ओर एक कदम बताया।

 

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