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राज ठाकरे का फडणवीस पर तंज, बोले- ‘2029 तक मुख्यमंत्री बनाए रखिए, बस!’

‘हास्यरेषा’ पुस्तक के विमोचन समारोह में उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस एक मंच पर आए; राज ठाकरे के मजाकिया बयान पर गूंज उठे ठहाके।

राहुल गुप्ता

मुंबई, 29 अक्टूबर। प्रशांत कुलकर्णी की पुस्तक ‘हास्यरेषा’ का विमोचन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों किया गया। ग्रंथाली की ओर से आयोजित इस समारोह में सांस्कृतिक मंत्री आशीष शेलार, पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एक ही मंच पर मौजूद थे। इस दौरान राज ठाकरे ने अपने खास अंदाज में भाषण देते हुए फडणवीस पर मजाकिया तंज कसा।

‘2029 तक मुख्यमंत्री बनाए रखिए, बस!’

आशीष शेलार ने अपने भाषण में कहा कि राज ठाकरे बुलाते हैं तो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस हमेशा आते हैं। इस पर राज ठाकरे ने अपने अंदाज में जवाब देते हुए कहा, “आशीष शेलार अभी कह रहे थे कि राज ठाकरे बुलाते हैं तो मुख्यमंत्री आ जाते हैं। मैं आगे भी मुख्यमंत्री को बुलाता रहूंगा और वे आते रहेंगे। बस, 2029 तक मुख्यमंत्री को बनाए रखिए।”

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राज ठाकरे के इस मजाकिया बयान पर सभागार में ठहाके गूंज उठे। उन्होंने आगे कहा, “अब मैं क्या कहूं?”

‘किताब के लिए संदर्भ जुटाना आसान नहीं’

‘हास्यरेषा’ पुस्तक के बारे में बात करते हुए राज ठाकरे ने प्रशांत कुलकर्णी की मेहनत की सराहना की। उन्होंने कहा कि किसी पुस्तक को तैयार करने के लिए संदर्भ जुटाना आसान काम नहीं है। उन्होंने खुद बालासाहेब ठाकरे पर तस्वीरों के जरिए उनके जीवन को दर्शाने वाली पुस्तक तैयार की थी। इसलिए उन्हें पता है कि ऐसी किताब बनाने में कितनी मेहनत लगती है।

राज ठाकरे ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे पर पुस्तक तैयार करते समय जिस तरह संदर्भ और तस्वीरें जुटानी पड़ी थीं, उसी तरह की मेहनत प्रशांत कुलकर्णी ने ‘हास्यरेषा’ के लिए भी की है।

राज ठाकरे ने सुनाया अपने पहले कार्टून का किस्सा

भाषण के दौरान राज ठाकरे ने अपने पहले कार्टून से जुड़ी याद भी साझा की। उन्होंने बताया कि जब वे स्कूल में पढ़ते थे, तब उनका पहला कार्टून ‘मार्मिक’ में प्रकाशित हुआ था। उस समय पत्रिका के बीच के पन्ने को ‘जत्रा’ कहा जाता था। उसमें कार्टून बनाने का काम बालासाहेब ठाकरे और राज ठाकरे के पिता किया करते थे।

राज ठाकरे ने बताया कि एक दिन स्कूल से घर लौटने पर उनके पिता ने उनसे कहा कि उनके काका ने उनके लिए एक कार्टून भेजा है और वे उसकी इंकिंग कर दें। बालासाहेब ठाकरे उन्हें प्यार से ‘टिनू’ कहते थे। उस कार्टून का शीर्षक था, ‘हमारे टिनू का बनाया कार्टून।’ राज ठाकरे ने बताया कि वही उनका पहला कार्टून था।

चुनाव के फॉर्म पर भी की व्यंग्यात्मक टिप्पणी

राज ठाकरे ने अपनी पढ़ाई का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने जे. जे. स्कूल ऑफ आर्ट में तीन साल तक पढ़ाई की और उसके बाद कॉलेज छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद वे चुनाव लड़ सकते हैं, क्योंकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में उम्मीदवार का स्नातक होना जरूरी नहीं है।

उन्होंने बताया कि प्रमोद नवलकर ने उन्हें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार का फॉर्म दिखाया था। उसमें उम्मीदवार के हस्ताक्षर या अंगूठा लगाने का विकल्प दिया गया था। इस पर राज ठाकरे ने व्यंग्य करते हुए कहा, “वह फॉर्म ही एक कार्टून था।”

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