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‘रेंट ए गरबा पार्टनर’ विज्ञापन पर सवाल, पुलिस से जांच की मांग

रीमा सिंह

मुंबई, 22 सितंबर।

नवरात्रि से पहले सोशल मीडिया पर सामने आए ‘रेंट ए गरबा पार्टनर’ नामक विज्ञापन को लेकर भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने चिंता जताते हुए मुंबई पुलिस आयुक्त से शिकायत की है। उन्होंने आशंका जताई कि इस तरह के विज्ञापनों की आड़ में महिलाओं और युवतियों को गुमराह करने या धोखाधड़ी जैसी गतिविधियां हो सकती हैं। हालांकि, उन्होंने सेक्स रैकेट की आशंका भी जताई है, जिसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।

सोशल मीडिया विज्ञापन पर आपत्ति

बोरीवली स्थित सेवालय कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में उपाध्याय ने बताया कि इंस्टाग्राम पर ‘रेंट ए गरबा पार्टनर’ शीर्षक से एक विज्ञापन सामने आया है। उनके अनुसार, विज्ञापन में अलग-अलग शुल्क पर एक महिला गरबा पार्टनर उपलब्ध कराने का दावा किया गया है। इसमें सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम श्रेणियों के तहत एक से लेकर 24 घंटे तक पार्टनर उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

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विज्ञापन की जांच की मांग

उपाध्याय ने सवाल उठाया कि गरबा जैसे पारंपरिक धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन में इस तरह की व्यावसायिक ‘पार्टनर’ सेवा का उद्देश्य क्या है। उन्होंने पुलिस से विज्ञापन के पीछे काम कर रहे व्यक्ति या समूह की पहचान करने और उसकी गतिविधियों की जांच करने की मांग की।

नवरात्रि की आड़ में धोखाधड़ी की आशंका

विधायक ने कहा कि नवरात्रि देवी की आराधना, पूजा और गरबा का पर्व है, जिसमें लोग परिवार के साथ शामिल होते हैं। ऐसे में भ्रामक विज्ञापनों के जरिए युवतियों या अन्य लोगों को किसी तरह की धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में फंसाए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मीडिया से भी ऐसे विज्ञापनों की पड़ताल करने और पुलिस से आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की।

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