Listen to this article
चंडीगढ़, 05 दिसंबर : पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने आज 15वें चंडीगढ़ राष्ट्रीय शिल्प मेले के आठवें दिन पहुंचकर मेले का अवलोकन किया। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल द्वारा डॉ. राजेश कुमार व्यास द्वारा लिखित पुस्तक ‘नाट्य शास्त्र’ का विमोचन किया गया। इसी अवसर पर उन्होंने विभिन्न राज्यों के चार वरिष्ठ लोक कलाकारों को 2.50 लाख रुपये की राशि तथा दो युवा लोक कलाकारों को 1 लाख रुपये की राशि से सम्मानित किया।
उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र और चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित यह मेला भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को कला, शिल्प, लोक संगीत, नृत्य और पारंपरिक व्यंजनों के माध्यम से प्रदर्शित करता हुआ आगंतुकों के लिए अत्यंत आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वे इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनकर अत्यंत प्रसन्न हैं। उन्होंने आयोजकों को कलाकारों, शिल्पकारों और कला प्रेमियों के लिए राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने हेतु बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे मेलों के माध्यम से देश की सांस्कृतिक विरासत संरक्षित होती है और राष्ट्रीय एकता को मजबूती मिलती है।

राज्यपाल ने कहा कि यह मेला मात्र एक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि ग्रामीण और शहरी भारत के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में कार्य कर रहा है। उन्होंने भाग लेने वाले शिल्पकारों की प्रशंसा करते हुए उन्हें भारत की सांस्कृतिक पहचान का वास्तविक संरक्षक बताया। उन्होंने वोकल फ़ॉर लोकल, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे राष्ट्रीय अभियानों की महत्ता पर भी प्रकाश डाला और कहा कि ये पहल पारंपरिक कौशल को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने प्रशासन की ओर से भविष्य में भी पूरी सहयोग का आश्वासन देते हुए लोगों से इस मेले में स्थापित 213 स्टॉलों पर प्रदर्शित हस्तनिर्मित वस्तुओं को खरीदकर शिल्पकारों को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण आजीविका को समर्थन देने की अपील की। उन्होंने इस मेले को एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना का सजीव उदाहरण बताते हुए सम्मानित कलाकारों को शुभकामनाएं दीं और मेले की निरंतर सफलता की कामना की। साथ ही उन्होंने शहरवासियों से इस मेगा आयोजन में बड़ी संख्या में भाग लेकर पारंपरिक हस्तशिल्प को बढ़ावा देने की अपील की।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पंजाबी फोक-पॉप गायक मनमोहन वारिस का ऊर्जावान प्रस्तुति रहा, जिन्होंने कलेजें तीर, कल्लीं बैठ के सोची नी और दो तारा वजदा वे जैसे लोकप्रिय गीतों से माहौल को उत्साह से भर दिया। इस अवसर पर विवेक प्रताप राज्यपाल के प्रधान सचिव; मंदीप सिंह ब्रार गृह सचिव-सह-सचिव संस्कृति यूटी चंडीगढ़; सोरभ अरोड़ा निदेशक संस्कृति तथा फुरकान खान निदेशक एन.ज़ेड.सी.सी. सहित प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
What are your
Feelings