पंजाब सरकार ने विदेशों में बैठे गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का दावा किया है
कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी के पंजाब अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने यह जानकारी दी
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 13 सितंबर | Punjab Gangster Extradition को लेकर अमन अरोड़ा ने भगवंत मान सरकार की कार्रवाई का विवरण साझा किया। उन्होंने यूरोप से पहली बार गैंगस्टर को भारत वापस लाने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। अमन अरोड़ा के अनुसार, 20 जनवरी 2026 को विदेश भगोड़ों की ट्रैकिंग और प्रत्यर्पण के लिए विशेष प्रकोष्ठ बनाया गया। सात महीनों में 10 वांछित अपराधियों को निर्वासन या प्रत्यर्पण के जरिए वापस लाने का दावा किया गया। उन्होंने बताया कि 21 अन्य प्रत्यर्पण प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास लंबित हैं। अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत डालम को मोल्दोवा से वापस लाने का भी उल्लेख किया गया। मलेशिया, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका से अन्य वांछित आरोपियों की वापसी की जानकारी भी दी गई। अमन अरोड़ा ने कहा कि गैंगस्टर विदेशों से पंजाब में अपराध चलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय और राष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई की आवश्यकता बताई। मंत्री ने एन्क्रिप्टेड संचार के बढ़ते इस्तेमाल को जांच की नई चुनौती बताया। उन्होंने पंजाब पुलिस को कार्रवाई के लिए बधाई दी। साथ ही जनता से अपराध और जबरन वसूली की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की।
Punjab Gangster Extradition : सात महीनों में 10 वांछित अपराधी वापस
अमन अरोड़ा ने बताया कि 20 जनवरी 2026 को विशेष प्रकोष्ठ बनाया गया था।
इस प्रकोष्ठ का नाम विदेश भगोड़ों की ट्रैकिंग और प्रत्यर्पण प्रकोष्ठ रखा गया है।
इसके जरिए विदेशों में छिपे अपराधियों की पहचान और निगरानी की जा रही है।
अरोड़ा के मुताबिक, सात महीनों में 10 वांछित अपराधियों को भारत लाया गया है।
इनमें निर्वासन और प्रत्यर्पण के जरिए वापस लाए गए आरोपी शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि 21 अन्य प्रत्यर्पण प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास लंबित हैं।
मंत्री के अनुसार, प्रकोष्ठ कई केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के साथ समन्वय करता है।
इनमें सीबीआई, इंटरपोल, गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय शामिल हैं।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी और राज्य जांच एजेंसियों से भी समन्वय किया जा रहा है।
Punjab Gangster Extradition : मोल्दोवा से अमृतपाल सिंह वापस
अमन अरोड़ा ने अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत डालम की गिरफ्तारी का भी जिक्र किया।
उनके अनुसार, उसे मोल्दोवा से शनिवार को भारत वापस लाया गया।
उन्होंने इसे पंजाब पुलिस और विशेष प्रकोष्ठ की महत्वपूर्ण सफलता बताया।
मंत्री ने कहा कि कई अन्य वांछित आरोपी भी विदेशों से वापस लाए गए हैं।
इनमें मलेशिया, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका से लौटाए गए आरोपी शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि कुछ आरोपी गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित थे।
अरोड़ा के अनुसार, पंजाब पुलिस ने विदेशी ठिकानों पर मौजूद अपराधियों को भी निशाने पर लिया है।
सरकार का लक्ष्य ऐसे नेटवर्क को पंजाब से बाहर भी सक्रिय नहीं रहने देना है।
उन्होंने कहा कि विदेश बैठकर पंजाब में अपराध संचालित करने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
Overseas Fugitive Tracking : अमन अरोड़ा ने केंद्र से मांगा सहयोग
अमन अरोड़ा ने केंद्र सरकार की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि विदेशों में बैठे अपराधियों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का सहयोग जरूरी है।
उनके अनुसार, प्रत्यर्पण की प्रक्रिया राज्य और केंद्र के समन्वय से आगे बढ़ती है।
उन्होंने भाजपा शासित राज्यों में बंद गैंगस्टरों पर भी निगरानी की मांग की।
अरोड़ा ने दावा किया कि कुछ अपराधी जेल से भी नेटवर्क चला रहे हैं।
उन्होंने केंद्र से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने की अपील की।
मंत्री ने कहा कि संगठित अपराध अब केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है।
उनके अनुसार, कई नेटवर्क अलग-अलग राज्यों और देशों तक फैले हुए हैं।
इसी वजह से उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर समन्वित अभियान की जरूरत बताई।
Organized Crime : तकनीक ने बढ़ाई जांच की चुनौती
अमन अरोड़ा ने संगठित अपराध में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि अपराधी एन्क्रिप्टेड संदेशों और आवाज कॉल का इस्तेमाल कर रहे हैं।
ऐसी गतिविधियों की निगरानी केवल राज्य पुलिस के लिए आसान नहीं है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से जांच को मजबूत करना जरूरी है।
उनके मुताबिक, अपराधियों के डिजिटल संपर्कों को जोड़ना बड़ी चुनौती बन गया है।
सरकार ऐसे नेटवर्क की कड़ियों तक पहुंचने पर काम कर रही है।
पंजाब पुलिस को अमन अरोड़ा की बधाई
अमन अरोड़ा ने मोल्दोवा से गैंगस्टर वापस लाने पर पंजाब पुलिस को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों के अनुरूप हुई।
उन्होंने विदेशों में मौजूद अन्य वांछित अपराधियों को भी वापस लाने की बात कही।
अरोड़ा ने लोगों से आपराधिक गतिविधियों की जानकारी पुलिस को देने की अपील की।
उन्होंने जबरन वसूली की कॉल मिलने पर तत्काल सूचना देने को कहा।
उनके अनुसार, समय पर सूचना मिलने से पुलिस कार्रवाई तेज हो सकती है।
उन्होंने पंजाब की जनता को सुरक्षा को लेकर भरोसा दिलाया।
अरोड़ा ने कहा कि सरकार संगठित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी।
उनके मुताबिक, पंजाब की शांति और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।
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