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“साझा हित के क्षेत्रों को पहले विकसित करें”: PU Curtin University Collaboration पर चर्चा

Curtin University, PU explore MoU, joint programmes and academic collaboration Curtin University, PU explore MoU, joint programmes and academic collaboration
Curtin University, PU explore MoU, joint programmes and academic collaboration

PU Curtin University Collaboration के तहत पंजाब यूनिवर्सिटी और कर्टिन यूनिवर्सिटी ने MoU, संयुक्त कार्यक्रम, छात्र इंटर्नशिप और रिसर्च सहयोग पर चर्चा की

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 17 सितंबर | PU Curtin University Collaboration में AI, स्थिरता, अनुभवात्मक शिक्षा और मानविकी सहित कई क्षेत्रों में अकादमिक सहयोग की संभावनाएं तलाशने पर विचार हुआ।

PU Curtin University Collaboration : MoU, इंटर्नशिप और रिसर्च पर सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा

चंडीगढ़, 17 सितंबर 2026। पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ और कर्टिन यूनिवर्सिटी, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया के बीच शैक्षणिक सहयोग पर चर्चा हुई। दोनों संस्थानों ने संयुक्त कार्यक्रमों और अनुसंधान की संभावनाएं तलाशीं।

बैठक में मानविकी, शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्थिरता और अनुभवात्मक अधिगम पर विशेष चर्चा हुई। दोनों विश्वविद्यालयों के बीच MoU की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।

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PU Curtin University Collaboration को लेकर अहम बैठक

कर्टिन यूनिवर्सिटी के डीन इंटरनेशनल ह्यूमैनिटीज प्रो. फ्रांसेस्को मैनसिनी ने पंजाब यूनिवर्सिटी का दौरा किया। उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर प्रो. मीनाक्षी गोयल से मुलाकात की।

बैठक में दोनों विश्वविद्यालयों के बीच संभावित सहयोग के क्षेत्रों पर चर्चा हुई। वाइस चांसलर ने संस्थागत सहयोग के व्यापक दायरे पर विचार रखा।

उन्होंने कहा कि MoU से पहले साझा हितों वाले क्षेत्रों की पहचान जरूरी है। इसके लिए दोनों विश्वविद्यालयों के बीच बैठकों की श्रृंखला आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया।

छात्र इंटर्नशिप और एक्सचेंज कार्यक्रमों पर चर्चा

प्रो. फ्रांसेस्को मैनसिनी ने कर्टिन यूनिवर्सिटी के ऑफशोर परिसरों की जानकारी साझा की। उन्होंने कोलंबो और दुबई स्थित परिसरों के बारे में बताया।

इन परिसरों में एक्सचेंज कार्यक्रमों के तहत छात्र इंटर्नशिप के अवसर तलाशे जा सकते हैं। उन्होंने उद्योग साझेदारी के तहत चलने वाले चैलेंज-आधारित कार्यक्रम की जानकारी भी दी।

इस कार्यक्रम में अलग-अलग विषयों के छात्र वास्तविक चुनौतियों पर साथ काम करते हैं। इससे छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और समस्या समाधान का अवसर मिलता है।

AI, स्थिरता और अनुभवात्मक शिक्षा पर जोर

डीन एलुमनी रिलेशंस प्रो. लतिका शर्मा की अध्यक्षता में चर्चा आगे बढ़ी। इसमें लर्निंग फ्यूचर्स, शिक्षा में AI और स्थिरता जैसे विषय शामिल रहे।

दोनों विश्वविद्यालयों ने अनुभवात्मक शिक्षा पर अपने साझा जोर पर चर्चा की। ऐसे अनुसंधान की संभावनाओं पर भी विचार हुआ, जो शिक्षण पाठ्यक्रमों के विकास में मदद कर सके।

चर्चा में स्वदेशी संस्कृतियों और शिक्षा से जुड़े विषयों को भी शामिल किया गया।

आपदा प्रबंधन से छात्र मानसिक स्वास्थ्य तक सहयोग

संभावित सहयोग के कई क्षेत्रों की पहचान की गई। इनमें लचीले और आपदा-प्रतिरोधी शहरी क्षेत्र प्रमुख रहे।

इसके अलावा छात्र मानसिक स्वास्थ्य और दूसरी भाषा के शिक्षण पर भी चर्चा हुई। कक्षा का वातावरण और छात्र सहभागिता भी संभावित क्षेत्रों में शामिल रहे।

दोनों संस्थानों ने आपदा प्रबंधन तथा फैशन और डिजाइन शिक्षा पर भी विचार किया। इन क्षेत्रों में भविष्य के संयुक्त अकादमिक और शोध कार्य की संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया गया।

मानविकी में Centre of Excellence की संभावना

बैठक में मानविकी के किसी चिन्हित क्षेत्र में सहयोगात्मक Centre of Excellence विकसित करने पर भी चर्चा हुई।

दोनों विश्वविद्यालय इस बात पर सहमत हुए कि सहयोग के क्षेत्रों को और स्पष्ट करना जरूरी है। इसके लिए आगे अकादमिक स्तर पर विस्तृत चर्चाएं आयोजित की जाएंगी।

पहले भी कर्टिन यूनिवर्सिटी से जुड़ा है पंजाब यूनिवर्सिटी

पंजाब यूनिवर्सिटी पहले भी न्यू कोलंबो प्लान मोबिलिटी प्रोग्राम के जरिए कर्टिन यूनिवर्सिटी से जुड़ा रहा है।

जनवरी 2026 में कर्टिन यूनिवर्सिटी के 10 छात्र और दो संकाय सदस्य पंजाब यूनिवर्सिटी पहुंचे थे। यह दौरा इसी कार्यक्रम के तहत आयोजित हुआ था।

यह कार्यक्रम ऑस्ट्रेलियाई स्नातक छात्रों को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की समझ विकसित करने में मदद करता है। इसमें अकादमिक और व्यावहारिक सहभागिता के माध्यम से छात्रों की क्षमताओं को विकसित किया जाता है।

बैठक में विश्वविद्यालय के कई अधिकारी रहे मौजूद

चर्चा में पंजाब यूनिवर्सिटी के कई संकाय सदस्य और अधिकारी शामिल हुए। इनमें प्रो. केवल कृष्ण, डीन इंटरनेशनल स्टडीज प्रमुख रहे।

इसके अलावा प्रो. नंदिता सिंह, प्रो. जगतेज कौर ग्रेवाल और प्रो. अंजू सूरी मौजूद रहीं। प्रो. कृष्ण मोहन, प्रो. किरणदीप और प्रो. जितेंद्र ग्रोवर ने भी चर्चा में भाग लिया।

बैठक के अंत में दोनों विश्वविद्यालयों ने अकादमिक सहयोग के विशिष्ट क्षेत्रों को विकसित करने पर सहमति जताई। आगे की चर्चाओं के जरिए संयुक्त कार्यक्रम, इंटर्नशिप और अनुसंधान सहयोग को आकार देने पर जोर दिया गया।

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