Power Cut Protest पंजाब में बिजली कटों के खिलाफ शिरोमणि अकाली दल ने राज्यभर में प्रदर्शन किया
पार्टी ने किसानों, घरेलू उपभोक्ताओं और उद्योगों की समस्याएं उठाईं
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 16 सितंबर। पंजाब में लंबे बिजली कटों को लेकर अकाली दल ने कई जिलों में धरना दिया। पार्टी ने निर्बाध बिजली, खराब ट्रांसफार्मर बदलने और राहत तंत्र की मांग की।

पंजाब में बिजली कटों के खिलाफ प्रदर्शन
शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब में जारी बिजली कटों के खिलाफ बुधवार को राज्यभर में प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने विभिन्न सरकारी कार्यालयों के बाहर धरना दिया। कई जगह मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल के पुतले भी फूंके गए।
अकाली दल के अनुसार, लंबे बिजली कटों से किसान, घरेलू उपभोक्ता और उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। पार्टी ने दावा किया कि धान की सिंचाई भी प्रभावित हो रही है। कई इलाकों में लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने की बात कही गई।
Power Cut Protest में कई जिलों में प्रदर्शन

चंडीगढ़ में जारी पार्टी बयान के अनुसार, प्रदर्शन कई जिलों में आयोजित किए गए। कार्यकर्ताओं ने डिप्टी कमिश्नर और एसडीएम कार्यालयों के बाहर धरना दिया।
इसके अलावा पावरकॉम और ग्रिड स्टेशनों के मुख्य अभियंताओं के कार्यालयों के बाहर भी प्रदर्शन हुए। जालंधर में शक्ति सदन स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय के बाहर कार्यकर्ता जुटे।
जालंधर में प्रदर्शन का नेतृत्व शहरी प्रधान इकबाल सिंह ढींढसा ने किया। उन्होंने बिजली संकट को सरकार के कुप्रबंधन का परिणाम बताया।
मजीठिया ने सरकार पर साधा निशाना
वरिष्ठ अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने मौजूदा बिजली संकट के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान को जिम्मेदार बताया।
मजीठिया ने कहा कि लंबे बिजली कटों से पंजाब की आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने सरकार से बिजली आपूर्ति नियमित करने की मांग की।
उन्होंने दावा किया कि कई क्षेत्रों में करीब 12 घंटे तक बिजली कट लगाए जा रहे हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
मोहाली में रखी गईं पांच मांगें

मोहाली में अकाली कार्यकर्ताओं ने डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व परविंदर सिंह सोहाना और एनके शर्मा ने किया।
पार्टी ने सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखीं। इनमें गांवों और औद्योगिक क्षेत्रों में कटौती खत्म करने की मांग शामिल है।
पार्टी ने बिजली कटौती की समय-सारणी पहले जारी करने की मांग की। औद्योगिक फीडरों को निर्बाध बिजली देने की मांग भी रखी गई।
इसके अलावा खराब ट्रांसफार्मर और बिजली लाइनों को जल्द बदलने की मांग की गई। प्रभावित उपभोक्ताओं और उद्योगों के लिए राहत तंत्र की मांग हुई।
रोपड़ में भी विरोध प्रदर्शन

रोपड़ में वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा ने 132 केवी ग्रिड पर प्रदर्शन किया। उन्होंने बिजली संकट से किसानों और कारोबार पर असर पड़ने की बात कही।
चीमा ने कहा कि लंबे कटों से सिंचाई और औद्योगिक उत्पादन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से तत्काल बिजली आपूर्ति सुधारने की मांग की।
कोटकपूरा में भी एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना दिया गया। यहां पार्टी नेताओं ने धान की सिंचाई के लिए बिजली बहाल करने की मांग की।
पटियाला, बठिंडा, अमृतसर और गुरदासपुर से भी प्रदर्शन की खबरें सामने आईं। तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर और कपूरथला में भी कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए।
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