चण्डीगढ़, 30 नवंबर : अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में पुरुषोत्तमपुरा बाग के मध्य लगे कुरुक्षेत्र विष्वविद्यालय व कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के हरियाणा पैवेलियन में हरियाणवी बोहिया व फूलझडी लोगों के आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है। हरियाणा की प्राचीन लोक संस्कृति को देखने को लेकर पर्यटकों में भारी उत्साह है। हरियाणा पैवेलियन में रविवार के दिन पर्यटकों की भारी भीड़ लगी थी। हरियाणा की समृद्ध लोक संस्कृति, परम्परा व रीति रिवाज व काम धंधों के लगे स्टॉल सबकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे है।
प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा की प्राचीन बोहिया पद्धति, फुलझड़ी, बंदरवाल, घोडे़ व अन्य साज-सज्जा में प्रयोग होने वाली चीजें हर किसी को भा रही है। इन स्टॉलों के माध्यम से हरियाणा की संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाना है।
21 दिवसीय रक्तदान शिविर में लोग स्वेच्छा से कर रहें है लगातार रक्तदान
यूथ ब्लड डोनेशन सोसाइटी एवं देवी अहिल्याबाई होल्कर अनुसंधान विकास केंद्र द्वारा हर साल की तरह इस वर्ष भी अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर के तट पर 21 दिवसीय ब्लड एवं स्वास्थ्य कैंप की सेवाएं जारी हैं।
संस्था पिछले 25 वर्षों से रक्तदान की सेवाएं दे रही है अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव पर 2017 से लगातार रक्तदान एवं स्वास्थ्य कैंप लगाकर जरूरतमंदों एवं थैलेसीमिया पीड़ितों के लिए रक्तदान मुहैया कराने का कार्य कर रही है।
शिक्षा के साथ-साथ व्यवसाय करने का मिल रहा है प्रशिक्षण
पढऩे लिखने की उम्र में यदि व्यवसाय भी शुरू हो जाए तो उस जैसी कोई बात नहीं है। कुरुक्षेत्र विष्वविद्यालय अपने छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ अपना व्यवसाय शुरु कर स्वावलम्बी और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार कर रहा है। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में लगे हरियाणा पैवेलियन में स्टॉल सबके आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। विष्वविद्यालय की एक छात्रा द्वारा हाथ से बने ऊन से सुंदर गुलाब और अन्य फूल बनाने के साथ-साथ सुंदर हैंड बैग, गुलदस्ते, मेजपोश के साथ-साथ बहुत से आकर्षक वस्तुएं वह बनाई गई हैं। उसका सामान हाथों हाथ बिक रहा है और प्रत्येक व्यक्ति उसके द्वारा बनाएं गए सामान की खुले मन से प्रशंसा कर रहा था।