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IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत में नया खुलासा

न्यूज़म ब्यूरो

मुंबई, 14 अक्टूबर।

आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के मामले में मुंबई पुलिस की जांच जारी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, साहिल को परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन पर चैटजीपीटी का इस्तेमाल कर जवाब खोजते हुए पकड़ा गया था। इसके बाद उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुए संस्थान से एक और मौका देने की अपील की थी। मुंबई पुलिस की अपराध शाखा अब तक 40 से अधिक लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। जांच के दौरान आईआईटी बॉम्बे के निदेशक शिरीष केदारे और प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के बयान भी दर्ज किए गए हैं। साहिल के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसे जातिगत आधार पर प्रताड़ित किया जा रहा था। हालांकि, प्रोफेसर डूला ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पुलिस को बताया कि किसी भी छात्र को मानसिक रूप से परेशान नहीं किया गया।

परीक्षा में नकल के नियमों की भी जांच
पुलिस ने संस्थान की 10 सदस्यीय जांच समिति से भी पूछताछ की। समिति के मुताबिक, परीक्षा में नकल के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल करने पर फेल ग्रेड देने और एक सेमेस्टर के लिए निलंबित करने का प्रावधान अगस्त में ही समाप्त कर दिया गया था।

क्या है पूरा मामला?
एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में बीटेक के दूसरे वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे 18 सितंबर की शाम पवई स्थित आईआईटी परिसर में अपने छात्रावास के कमरे में फंदे से लटके पाए गए थे। यह घटना मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान कथित तौर पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने के कुछ घंटों बाद हुई थी। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, साहिल ने परीक्षा का प्रश्नपत्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता मंच पर अपलोड करने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया था। हालांकि, बाद में संस्थान ने घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया था। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

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