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हरियाणा लोक भवन में कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने वाले एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस वॉलंटियर्स हुए सम्मानित

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न्यूज़म ब्यूरो 

चंडीगढ़। हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने बीते सोमवार को उन बेहतरीन नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) कैडेट्स और नेशनल सर्विस स्कीम (एनएसएस) वॉलिंटियर्स को हार्दिक बधाई दी, जिन्होंने 26 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में राज्य का प्रतिनिधित्व किया था।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कार्यक्रम में उनकी भागीदारी सिर्फ़ एक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि यह देश की युवा शक्ति, अनुशासन और सेवा भावना का एक शक्तिशाली प्रतीक था। इस अवसर पर लेडी गवर्नर मित्रा घोष भी साथ ही मौजूद थीं।

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यहां लोक भवन में आयोजित‘एट होम‘ कार्यक्रम में सभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल प्रो. घोष ने गणतंत्र दिवस परेड को भारत की विविधता में एकता, संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्रीय संकल्प की सर्वोच्च अभिव्यक्ति बताया।

उन्होंने कहा कि परेड के लिए चयन के लिए असाधारण समर्पण, कठोर प्रशिक्षण और अनुकरणीय प्रतिबद्धता की आवश्यकता होती है। उन्होंने कैडेट्स और वॉलंटियर्स को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा, 'आप में से हर एक ने हरियाणा का सम्मान बढ़ाया है और भारत के राष्ट्रीय गौरव में योगदान दिया है।'

राज्यपाल प्रो. घोष ने अनुशासित, आत्म विश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बनाने में एनसीसी द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह संगठन युवाओं में नेतृत्व के गुण, साहस और देशभक्ति की गहरी भावना पैदा करता है, उन्हें न केवल ज़रूरत के समय देश की सेवा करने के लिए तैयार करता है, बल्कि शांति और प्रगति के समय भी उदाहरण पेश करके नेतृत्व करने के लिए तैयार करता है।

राज्यपाल ने नेशनल सर्विस स्कीम के वॉलंटियर्स के निस्वार्थ योगदान की भी सराहना की, और कहा कि उनका काम सामाजिक जिम्मेदारी की सच्ची भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सामुदायिक जुड़ाव, सामाजिक जागरूकता और राष्ट्र निर्माण की पहलों के माध्यम से, एनएसएस वॉलंटियर्स समाज के नैतिक और सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा, 'आपका काम हमें याद दिलाता है कि सच्चा राष्ट्र निर्माण साथी नागरिकों की सेवा से शुरू होता हैै।'

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कैडेट्स और वॉलंटियर्स को संबोधित करते हुए प्रो. घोष ने कहा कि वे एक मजबूत, अधिक समावेशी और प्रगतिशील भारत के मशालवाहक हैं। उनका अनुशासन, करुणा और कर्तव्य की भावना राष्ट्र के भविष्य में विश्वास जगाती है। उन्हें सेवा, ईमानदारी और उत्कृष्टता की अपनी यात्रा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करते हुए, माननीय राज्यपाल ने कहा कि देश उन्हें उम्मीद भरी नज़रों से देखता है और हरियाणा को उनकी उपलब्धियों पर बहुत गर्व है।

इससे पहले, हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विनीत गर्ग ने अपने संबोधन में कहा कि एनसीसी और एनएसएस युवाओं में नेतृत्व के गुण और ज़िम्मेदार नागरिक होने की भावना पैदा करते हैं। श्री गर्ग ने कहा, 'हमारे एनसीसी कैडेट और एनएसएस स्वयंसेवक न केवल साहस और देशभक्ति की भावना का प्रतीक हैं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मज़बूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।'

मेजर जनरल भरत मेहतानी, एडीजी एनसीसी निदेशालय हरियाणा ने इस अवसर पर एनसीसी गतिविधियों पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जबकि श्रवण राम क्षेत्रीय निदेशक एनएसएस युवा मामले और खेल मंत्रालय भारत सरकार ने राष्ट्र निर्माण में एनएसएस स्वयंसेवकों की भूमिका पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख लोगों में राज्यपाल के सचिव दुष्मंत कुमार बेहेरा, ब्रिगेडियर राजीव कपूर एसएम, ब्रिगेडियर हरदीप सिंह बर्न, ब्रिगेडियर रोहित सहगल, ग्रुप कैप्टन इकबाल सिंह जोहल, लेफ्टिनेंट कर्नल दिवाकर वशिष्ठ, उच्च शिक्षा के डीजी एस नारायणन, लेफ्टिनेंट कर्नल संजीव शर्मा, कर्नल नितेश सिंह, डॉ. अजीत सिंह संयुक्त निदेशक एनसीसी, उच्च शिक्षा विभाग हरियाणा डॉ. दिनेश कुमार राज्य एनएसएस अधिकारी, उच्च शिक्षा, हरियाणा, और एनसीसी कैडेट और एनएसएस स्वयंसेवकों के माता-पिता शामिल रहे।

 

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