कर्ज और आर्थिक तंगी से जूझ रहे दो भाइयों ने मुआवजे से खरीदी 20 एकड़ खेती की जमीन, आवासीय प्लॉट और भविष्य के लिए कराई एफडी।
राहुल गुप्ता
नागपुर, 26 अक्टूबर। महाराष्ट्र में नया नागपुर परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण को लेकर कुछ किसानों में नाराजगी के बावजूद, मुआवजे से कई परिवारों की आर्थिक स्थिति बदलने की तस्वीर भी सामने आई है। नागपुर के दीपक डोमाजी गौत्रे और उनके बड़े भाई सुनील डोमाजी गौत्रे को अपनी 6.25 एकड़ जमीन के बदले 17 करोड़ 87 लाख रुपये और छह विकसित प्लॉट मिले हैं। दोनों भाइयों ने इस रकम का इस्तेमाल कर्ज से उबरने और भविष्य सुरक्षित करने के लिए किया।
5 गुना मुआवजा और विकसित प्लॉट
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की महत्वाकांक्षी नया नागपुर परियोजना के लिए नागपुर महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एनएमआरडीए) सीधी खरीद प्रक्रिया के तहत किसानों की जमीन अधिग्रहित कर रहा है। इसके तहत किसानों को जमीन के बदले पांच गुना मुआवजा और प्रति एकड़ 1,500 वर्ग फुट का विकसित प्लॉट देने का प्रावधान है। सरकार ने जमीन की रजिस्ट्री पर स्टाम्प ड्यूटी भी माफ की है।
दीपक और सुनील के पास परियोजना क्षेत्र में करीब 6.25 एकड़ जमीन थी। उनके पिता ने अपनी पुश्तैनी जमीन बेचकर यह जमीन उनके नाम पर खरीदी थी। दोनों भाइयों ने अपनी सहमति से जमीन अधिग्रहण के लिए मंजूरी दी, जिसके बदले उन्हें बड़ी रकम और छह विकसित प्लॉट मिले।
कर्ज से उबरकर खरीदी 20 एकड़ जमीन
मुआवजा मिलने से पहले परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। दीपक मेडिकल शॉप और इंटरनेट सेंटर चलाते थे, लेकिन इंटरनेट सेंटर बंद होने से उनकी आमदनी का एक बड़ा जरिया खत्म हो गया। कर्ज चुकाने के लिए उन्हें मेडिकल शॉप और वाहन तक बेचना पड़ा था। खेती पर निर्भर परिवार को बारिश की कमी के कारण इस साल सूखे जैसी स्थिति का भी सामना करना पड़ रहा था।
मुआवजे की रकम मिलने के बाद दोनों भाइयों ने सोच-समझकर निवेश किया। उन्होंने मिलकर नागपुर ग्रामीण क्षेत्र में 20 एकड़ खेती की जमीन खरीदी। इसके अलावा हिंगना में आवासीय प्लॉट और रो हाउस भी लिया।
माता-पिता और अपने भविष्य के लिए एफडी
परिवार की आर्थिक सुरक्षा के लिए दोनों भाइयों ने अपने माता-पिता के नाम पर 50-50 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) कराई। इसके अलावा दोनों ने अपने लिए भी एक-एक करोड़ रुपये की एफडी की। इस निवेश से परिवार को नियमित आय का सहारा मिला है और भविष्य की आर्थिक चिंताएं कम हुई हैं।
दीपक और सुनील के अलावा विजय चिंचोलकर, अर्चना इटनकर और संकारी जाधव जैसे किसानों को भी जमीन के बदले मिले मुआवजे से आर्थिक राहत मिलने की बात सामने आई है।
एनएमआरडीए को 95 प्रतिशत जमीन मालिकों की सहमति
एनएमआरडीए के अनुसार, नया नागपुर परियोजना के लिए अब तक करीब 95 प्रतिशत किसानों और जमीन मालिकों की सहमति मिल चुकी है। प्राधिकरण ने मई में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की थी। अधिकारियों का दावा है कि छह महीने के भीतर 95 प्रतिशत सहमति हासिल करने के साथ 50 प्रतिशत से अधिक जमीन का अधिग्रहण भी पूरा कर लिया गया है। हालांकि, परियोजना को लेकर कुछ क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण से जुड़ी नाराजगी अब भी बनी हुई है।
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