हरियाणा के राज्यपाल ने अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने का किया आह्वान
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दें- राज्यपाल
अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती से कुरुक्षेत्र की विश्व स्तर पर बनी पहचान- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
देशभर के केंद्रीय विद्यालयों और जवाहर नवोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों को गीता जयंती से जोड़ा जाएगा
पश्चिम बंगाल और दिल्ली इस बार अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती में पार्टनर स्टेट के रूप में होंगे शामिल
कुरुक्षेत्र के 182 तीर्थ स्थलों तक पहुंचेगी जागरूकता यात्रा, 4 दिसंबर को पिपली से निकलेगी शोभायात्रा
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 29 अक्टूबर। हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के प्रबंधक मंडल की 83वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए गत वर्ष आयोजित अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान की गई उत्कृष्ट व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि महोत्सव को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने तथा श्रद्धालुओं और पर्यटकों के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।
बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, सांसद नवीन जिन्दल, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, विधायक अशोक अरोड़ा, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
राज्यपाल ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में उनकी सुविधा के लिए परिवहन सेवाओं और कनेक्टिविटी को और सुदृढ़ करना आवश्यक है। उन्होंने मेला क्षेत्र तक आवागमन को सुगम बनाने, बस सेवाओं का विस्तार करने तथा मेले के दौरान बेहतर परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने पर बल दिया, ताकि आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे महोत्सव का भरपूर आनंद ले सकें।
प्रो. असीम कुमार घोष ने बोर्ड के सदस्यों और जिला प्रशासन से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए इन व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बेहतर योजना, समन्वित प्रयासों और व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार के माध्यम से इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव को और अधिक भव्य, सुव्यवस्थित एवं आगंतुकों के लिए सुविधाजनक बनाया जाएगा।
राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘डिजिटल हेरिटेज ऐप’ तथा ‘कुरुक्षेत्र सारथी मोबाइल ऐप’ का भी शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कुरुक्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती समारोह का आयोजन 5 से 25 दिसंबर तक किया जाएगा। इस दौरान अनेक धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। लोगों को जागरूक करने के लिए 2 दिसंबर को यात्रा शुरू की जाएगी, जो 48 कोस के क्षेत्र में स्थित 182 तीर्थ स्थलों पर जाएगी। इसके अलावा 4 दिसंबर को पिपली से शोभायात्रा निकाली जाएगी। भागवत कथा, गीता सम्मेलनों के अलावा हरियाणा के गठन के 60 साल पूरे होने पर प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। शिक्षाविदों के आयोजनों के अलावा युवाओं को संस्कारवान एवं चरित्रवान बनाने के लिए भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल एवं दिल्ली पार्टनर स्टेट के रूप में भाग ले रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती पर लगाई जाने वाली प्रदर्शनी में इसरो, नौसेना, वायुसेना और आईसीसीआर भी भाग लेंगे। इस दौरान शिल्पकार एवं गीता पुस्तक मेला भी लगाया जाएगा। इसमें विश्वस्तरीय शिल्पकार भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर 18 से 20 दिसंबर तक गीता जयंती समारोह आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान प्रदेश के हर गांव के मंदिर में गीता पाठ का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा देश के सभी केंद्रीय विद्यालयों एवं जवाहर नवोदय विद्यालयों में भी विद्यार्थियों की सहभागिता की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने लंबित चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कुरुक्षेत्र के उपायुक्त, मुख्यमंत्री के ओएसडी बीबी भारती की संयुक्त कमेटी बनाने के निर्देश दिए। कमेटी इन कार्यों का ऑडिट एवं जांच कर रिपोर्ट पेश करेगी। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि अब अलग-अलग विभागों की बजाय केडीबी द्वारा ही कार्य करवाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि ब्रह्म सरोवर पर साढ़े छह एकड़ भूमि पर 120 करोड़ रुपये की लागत से 90 कमरों का गेस्ट हाउस बनाया जाएगा। पुरुषोत्तमपुरा में गुरु तेग बहादुर सिंह द्वार बनाया जाएगा। इसके अलावा प्राचीन द्रौपदी कूप का पुरातत्व विभाग के अनुसार नवीनीकरण किया जाएगा तथा ब्रह्म सरोवर पर मोरपंख के आकार की लाइटें एवं टाइलें लगाकर भव्य रूप दिया जाएगा। ज्योतिसर में प्रवेश द्वार तथा गीता स्तंभ बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरस्वती तीर्थ पिहोवा का मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया है। इसके दो किलोमीटर से अधिक क्षेत्र की परिक्रमा बनाई जाएगी। कुरुक्षेत्र के 11 चौकों का नवीनीकरण कर सुंदर एवं भव्य बनाया जाएगा। इनके टेंडर किए जा चुके हैं। इसके अलावा 12 स्थलों का सर्वे किया जा रहा है। इसके बाद बोर्ड के तीर्थ स्थलों की संख्या बढ़कर 194 हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती से पहले केडीबी क्षेत्र को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के लिए एक माह तक स्वच्छता अभियान चलाया जाए तथा विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता बॉक्स रखे जाएं, ताकि मेला परिसर में कहीं भी गंदगी न फैले। इसके लिए समर्पित स्वच्छता फोर्स खड़ी की जाए। सभी तीर्थ स्थलों पर हर रोज आध्यात्मिक गतिविधियां चलाई जाएं। बेहतर आवागमन के लिए यातायात एवं परिवहन सुविधाओं में इजाफा किया जाए। उन्होंने कहा कि जो तीर्थ स्थल अच्छा एवं सराहनीय कार्य करेगा, उसे गीता जयंती पर पुरस्कृत करने के अलावा नकद राशि भी प्रदान की जाएगी। केडीबी की हर तीन माह में बैठक आयोजित कर विकास कार्यों की विस्तार से मॉनिटरिंग एवं निगरानी की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केडीबी के साथ तीर्थ स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जाए। इसके लिए सभी तालाबों का सौंदर्यीकरण एवं नवीनीकरण किया जाएगा। इसमें तालाबों की चारदीवारी, फुटपाथ एवं लाइटिंग आदि की सुंदर व्यवस्था की जाएगी। सभी तीर्थ स्थलों की जियो-फेंसिंग करने के साथ ही उन पर छायादार पेड़ लगाए जाएं। इन स्थलों पर श्रद्धालुओं के बैठने के लिए हॉल बनाने के लिए भी प्रस्ताव तैयार किए जाएं। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती से कुरुक्षेत्र की विश्व स्तर पर पहचान बनी है। इसलिए कुरुक्षेत्र का चहुंमुखी एवं सर्वांगीण विकास किया जाएगा।
केडीबी के सदस्य सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव को भव्य और यादगार बनाने के लिए तैयार की गई योजनाओं का विस्तार से प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने महोत्सव के विभिन्न कार्यक्रमों, व्यवस्थाओं और तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि आयोजन को आकर्षक बनाने और अधिक से अधिक लोगों को गीता के संदेश से जोड़ने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। महोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ-साथ आयोजन के विभिन्न पहलुओं को प्रभावी ढंग से संपन्न करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, ए.के. सिंह, विजयेन्द्र कुमार, आयुक्त एवं सचिव के. मकरंद पांडुरंग, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव डॉ. यशपाल यादव, अजय कुमार, सूचना जनसंपर्क विभाग के निदेशक डॉ. आदित्य दहिया, कुरुक्षेत्र के उपायुक्त विश्राम मीणा सहित केडीबी के सरकारी एवं गैर-सरकारी सदस्य मौजूद रहे।
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।





