प्रसिद्ध अभिनेता आशुतोष राणा अपनी नाट्य टीम के साथ अमृतसर पहुंचे
पूरी टीम ने श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेका
न्यूज़म ब्यूरो
अमृतसर, 16 सितंबर | अमृतसर पहुंची Hamare Ram Team ने श्री हरमंदिर साहिब में दर्शन किए। आशुतोष राणा ने रावण की भूमिका और भारतीय दर्शन पर विचार रखे।

Hamare Ram Team ने किए श्री हरमंदिर साहिब के दर्शन
दर्शन के बाद आशुतोष राणा ने मीडिया से बातचीत की।
उन्होंने श्री हरमंदिर साहिब पहुंचने का अनुभव साझा किया।
उन्होंने कहा कि यहां पहुंचकर उन्हें आध्यात्मिक शांति का अनुभव हुआ।
अभिनेता ने गुरु की पावन हाजिरी और गुरबाणी का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि इससे मनुष्य के भीतर नई चेतना जागती है।
उनके अनुसार, श्री हरमंदिर साहिब का वातावरण बेहद आध्यात्मिक है।
उन्होंने कहा कि यहां पहुंचकर आत्मा को शांति और आनंद मिलता है।
उन्होंने इस पवित्र स्थान के प्रति अपने जुड़ाव की बात भी कही।
नाटक में रावण की भूमिका निभा रहे आशुतोष राणा
आशुतोष राणा नाटक में लंकेश रावण की भूमिका निभा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि नाटक का मंचन अमृतसर में किया जा रहा है।
उन्होंने शहरवासियों और कला प्रेमियों से प्रस्तुति देखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि कलाकार के लिए दर्शकों की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होती है।
दर्शकों की भावनाएं कलाकार को अपनी प्रस्तुति का अनुभव कराती हैं।
उन्होंने लोगों से नाटक देखने के बाद प्रतिक्रिया साझा करने को कहा।
साकार और निराकार के संबंध पर रखे विचार

बातचीत के दौरान आशुतोष राणा ने भारतीय दर्शन पर विचार रखे।
उन्होंने साकार और निराकार के बीच गहरे संबंध की बात कही।
उन्होंने दूध में छिपे मक्खन का उदाहरण देकर अपनी बात समझाई।
उन्होंने कहा कि मंथन से मक्खन सामने आता है।
इसी तरह निराकार परमात्मा को भी अनुभव किया जा सकता है।
उनकी बातों में आध्यात्मिक चिंतन और भारतीय दर्शन की झलक दिखाई दी।
पंजाब की सांस्कृतिक विरासत का किया उल्लेख
आशुतोष राणा ने पंजाब के सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों पर बात की।
उन्होंने कहा कि किसी क्षेत्र की पहचान केवल उसकी सीमाओं से नहीं बनती।
लोगों की भावनाएं और सांस्कृतिक सोच भी पहचान का हिस्सा हैं।
उन्होंने साहित्य और कला को मानवीय भावनाओं से जुड़ा बताया।
उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रमों को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताया।
पंजाब और अमृतसर से अपने जुड़ाव का किया जिक्र

अभिनेता ने पंजाब और अमृतसर से अपने जुड़ाव का उल्लेख किया।
उन्होंने अपनी उपलब्धियों को गुरु साहिब की कृपा से जोड़ा।
उन्होंने अमृतसर को आध्यात्मिक महत्व वाली पवित्र धरती बताया।
इस मौके पर पूरी टीम ने सांस्कृतिक चेतना बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
टीम ने दर्शकों से इस प्रस्तुति का हिस्सा बनने की अपील की।
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