विपक्ष के रवैये को लेकर विधानसभा सदन में लाए गए निंदा प्रस्ताव का मंत्री ने किया समर्थन, साधा निशाना
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़ 27 अप्रैल। हरियाणा के लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने विधानसभा सत्र के दौरान नारी वंदन अधिनियम पर अपनी बात रखते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा विपक्ष के रवैये को लेकर लाए गए निंदा प्रस्ताव का समर्थन किया।
उन्होंने कहा कि जिस तरीके से विपक्ष ने महिलाओं के आरक्षण का विरोध करने का काम किया तथा आज की चर्चा के अंदर भी वो सदन में उपस्थित नहीं है, तो ऐसे में प्रदेश की माताएं—बहनों की आधी आबादी वो अगली बार इन्हें सदन के अंदर आने ही नहीं देगी तथा बाहर ही रखने का काम करेगी।
मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि आज केवल महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण की बात नहीं है, बल्कि प्रश्न यह है कि क्या भारत का लोकतंत्र अपनी आधी आबादी को केवल तालियां ही देगा या निर्णय निर्माण की मेज पर उनके वैधानिक, संवैधानिक और सम्मानजनक स्थान भी सुनिश्चित करेगा।
उन्होंने कहा कि यह बहस सत्ता की संरचना की नहीं, सत्ता की नहीं बल्कि संरचना की है। सीटों की नहीं, बल्कि न्याय की है। राजनीति की नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा की है। गंगवा ने इस दौरान भारतीय संस्कृति में प्रचलित उदाहरण जहां पर नारी का आदर व उसकी पूजा होती है, वहां पर देवता निवास करते हैं, का उदाहरण देते हुए कहा कि आज जो आधी आबादी है उसे राजनीतिक हक देने की बात है। उसका विरोध करने का काम विपक्ष ने किया, जो गलत है।
गंगवा ने कहा कि पार्लियामेंट में जब बोलने की बात थी तो विपक्षी कहते थे कि हम बिल के पक्ष में हैं। लेकिन जब वोटिंग की बात आई तो उसके विरोध में वोट करके उसको रोकने का काम विपक्ष के लोगों ने किया। 2029 के चुनाव के अंदर माताओं बहनों को राजनीतिक आरक्षण का बिल मोदी सरकार जो लेकर आई थी। उस हक से विपक्ष ने उनको वंचित करने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के लोग तथ्यहीन बातें करके केवल और केवल गुमराह कर रहे है। महिलाओं को उनका हक मिल सके इसलिए बिल लाया गया था, लेकिन इन्होंने तो हमेशा ही अच्छे कार्यो का भी विरोध करने का काम किया। धारा 370 हटाने का भी विरोध करने का काम किया गया था। राम मंदिर निर्माण का भी विरोध करने का काम किया था, लेकिन नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में ये तमाम कार्य हुए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय के अंदर जब और ज्यादा ताकत बहनें महिलाएं मोदी सरकार को देने का काम करेंगी तो निश्चित रूप से उनका हक उनको जो है वो देने का काम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में होगा।