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जलवायु अनुकूल विकास के लिए एमएमआरडीए और यूसीएल की साझेदारी

मुंबई महानगर क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र का प्रस्ताव, एआई और डिजिटल तकनीक से शहरी नियोजन को मिलेगी नई दिशा

न्यूज़म ब्यूरो

मुंबई, 5 अक्टूबर। मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में सतत शहरी विकास और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) और यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (यूसीएल) के बीच रणनीतिक सहयोग हुआ है। इस साझेदारी के तहत महानगर स्तर पर जलवायु अनुकूल शहरी और क्षेत्रीय विकास के लिए उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव है। इसे भारत में महानगर स्तर पर अपनी तरह की पहली पहल बताया गया है।

वैश्विक विशेषज्ञता से तैयार होगी भविष्य की विकास रणनीति

प्रस्तावित उत्कृष्टता केंद्र के माध्यम से दोनों संस्थाएं संयुक्त अनुसंधान, नवाचार, क्षमता निर्माण और ज्ञान के आदान-प्रदान पर काम करेंगी। इसका उद्देश्य मुंबई महानगर क्षेत्र की वर्तमान और भविष्य की शहरी चुनौतियों के लिए व्यावहारिक समाधान विकसित करना है। परिवहन नेटवर्क, सार्वजनिक सुविधाओं, इमारतों और पर्यावरणीय परिसंपत्तियों के नियोजन और प्रबंधन में अंतरराष्ट्रीय शोध एवं आधुनिक कार्यप्रणालियों का उपयोग किया जाएगा।

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एआई और डिजिटल प्रतिकृति तकनीक पर जोर

साझेदारी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल प्रतिकृति, जलवायु विश्लेषण और उन्नत पर्यावरणीय डेटा प्रणालियों के इस्तेमाल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इन तकनीकों की मदद से बुनियादी ढांचे की स्थिति की निगरानी, रखरखाव की जरूरतों का पूर्वानुमान और संभावित जोखिमों के आधार पर निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाने का प्रयास होगा। साथ ही कम कार्बन उत्सर्जन, ऊर्जा दक्षता और बदलती जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप शहरी नियोजन पर जोर रहेगा।

जलवायु जोखिम और पर्यावरण संरक्षण पर संयुक्त शोध

एमएमआरडीए और यूसीएल ऊर्जा मानचित्रण, जलवायु जोखिम आकलन, पर्यावरणीय प्रभाव अध्ययन, कार्बन उत्सर्जन में कमी, प्रकृति-आधारित समाधान और चक्रीय अर्थव्यवस्था जैसे विषयों पर संयुक्त शोध करेंगे। अंतरराष्ट्रीय मानकों और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को मुंबई महानगर क्षेत्र की स्थानीय जरूरतों के अनुरूप लागू करने की संभावनाएं भी तलाश की जाएंगी।

प्रशिक्षण और शैक्षणिक सहयोग भी शामिल

इस सहयोग के तहत अधिकारियों, विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जलवायु विज्ञान, आपदा जोखिम में कमी, पर्यावरण संरक्षण और सतत परिवहन जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। संयुक्त शोध परियोजनाओं, शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों के आदान-प्रदान और स्नातकोत्तर व डॉक्टरेट स्तर पर शैक्षणिक सहयोग की संभावनाओं पर भी काम होगा।

‘इन्वेस्ट महाराष्ट्र’ के दौरान समझौता

एमएमआरडीए और यूसीएल के बीच सहयोग को ‘इन्वेस्ट महाराष्ट्र’ के शुभारंभ के दौरान हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन के माध्यम से औपचारिक रूप दिया गया। उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार की उपस्थिति में एमएमआरडीए के महानगर आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी, यूसीएल के अनुसंधान, नवाचार एवं वैश्विक सहभागिता के उपकुलप्रमुख प्रोफेसर गेरेंट रीस और यूसीएल के निदेशक सैम बाल्च ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।

भविष्य के लिए तैयार एमएमआर बनाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह सहयोग वैश्विक शैक्षणिक विशेषज्ञता और क्षेत्रीय विकास के अनुभव को एक साथ लाएगा। उपमुख्यमंत्री एवं एमएमआरडीए अध्यक्ष एकनाथ शिंदे ने कहा कि साझेदारी से बुनियादी ढांचे की निगरानी, रखरखाव और जोखिम आधारित निर्णय प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी। एमएमआरडीए आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी के अनुसार, एआई, जलवायु विश्लेषण और डिजिटल प्रतिकृति जैसी तकनीकों को नियोजन से जोड़कर अनुसंधान को व्यावहारिक समाधानों में बदलने की दिशा में काम किया जाएगा।

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