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डॉक्टरों से मारपीट के मामले में बड़ा मोड़, सुप्रीम कोर्ट से जमानत रद्द होने के बाद कॉर्पोरेटर ने किया सरेंडर

राहुल गुप्ता

ठाणे, 5 अक्टूबर। डॉक्टरों पर हमले के मामले में मुख्य आरोपी और शिवसेना कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे समेत 4 आरोपियों ने रविवार को ठाणे जिले की ट्रायल कोर्ट में सरेंडर कर दिया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत रद्द किए जाने के बाद सभी ने अदालत के निर्देश के मुताबिक आत्मसमर्पण किया। इसके बाद आरोपियों को कल्याण की आधारवाड़ी जेल भेज दिया गया।

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में रमेश म्हात्रे, प्रमोद उर्फ प्रकाश निकम और अक्षय शरद करंडेल की जमानत रद्द कर दी थी। कोर्ट ने 28 सितंबर को बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को पलटते हुए आरोपियों को 5 अक्टूबर तक ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करने का आदेश दिया था। इसी के तहत म्हात्रे समेत 4 आरोपियों ने रविवार को अदालत में आत्मसमर्पण किया।

इस मामले में पांचवीं आरोपी साधना संजय करंडे पहले से ही आधारवाड़ी जेल में न्यायिक हिरासत में है। कल्याण कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

3 डॉक्टरों से मारपीट का आरोप

रमेश म्हात्रे और अन्य आरोपियों पर 3 डॉक्टरों के साथ मारपीट और बदसलूकी करने का आरोप है। इनमें एक महिला डॉक्टर भी शामिल थीं। घटना 6 जुलाई को ठाणे जिले के डोंबिवली स्थित शास्त्री नगर म्युनिसिपल हॉस्पिटल के लेबर वार्ड में हुई थी। उस समय डॉक्टर ड्यूटी पर तैनात थे।

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सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि शारीरिक हिंसा, धमकी या जबरदस्ती के डर के माहौल में किसी डॉक्टर से सही और स्वतंत्र फैसला लेने की उम्मीद नहीं की जा सकती।

म्हात्रे के पुराने रिकॉर्ड पर भी टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट के 36 पेज के आदेश में रमेश म्हात्रे के पिछले रिकॉर्ड का भी उल्लेख किया गया। कोर्ट ने कहा कि निचली अदालतों ने उसके आपराधिक इतिहास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने उसकी जमानत रद्द करते हुए उसे ट्रायल कोर्ट के समक्ष सरेंडर करने का निर्देश दिया।

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