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विधायक नियमों के साथ तकनीकी ज्ञान बढ़ाकर बनें और प्रभावी : हरविन्द्र कल्याण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047′ के संकल्प को पूरा करने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं का मजबूत होना है अनिवार्य

हरियाणा विधान सभा द्वारा हरियाणा निवास में ‘संसदीय समितियां-सदस्यों की भूमिका’ विषय पर प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 30 अप्रैल। हरियाणा विधानसभा की ओर से वीरवार को सेक्टर 3 स्थित हरियाणा निवास में विधायकों के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण के सानिध्य में आयोजित इस कार्यशाला में विशेषज्ञों ने विधायकों को ‘संसदीय समितियां-सदस्यों की भूमिका’ विषय पर गहन प्रशिक्षण दिया।

कार्यशाला के शुभारंभ अवसर पर विधायकों को संबोधित करते हुए अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को पूरा करने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं का मजबूत होना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि लोकहित सर्वोपरि रखते हुए नियमों, प्रक्रियाओं और विधायी कार्यों की गहरी समझ के साथ अपनी बात रखें।

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विस अध्यक्ष ने कहा कि सदन की समय सीमा में हर विषय पर विस्तार से चर्चा संभव नहीं होती, इसलिए समितियां प्रशासन को जवाबदेह बनाने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। समितियों में अक्सर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनहित के मुद्दों पर चर्चा होती है। यहां विधायक अधिकारियों से सटीक प्रश्न पूछ सकते हैं और अपनी विशेषज्ञता से रिपोर्ट की कमियों को उजागर कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि विधायकों को सीखना केवल कार्यशालाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह पूरे कार्यकाल तक चलने वाली प्रक्रिया है। वर्तमान विधान सभा में युवा विधायकों की बड़ी संख्या है, यदि वे अपने भाषणों में तकनीकी जानकारी और नियमों का समावेश करें, तो वे सरकार को बेहतर निर्णय लेने में अधिक प्रभावी ढंग से मदद कर सकते हैं।

उन्होंने आह्वान किया कि हर जनप्रतिनिधि को हमेशा ‘छात्र’ बने रहना चाहिए, क्योंकि सीखने का भाव ही एक विधायक को भविष्य का सफल मंत्री और जननायक बनाता है।

अध्यक्ष ने कर्नाटक विधान सभा (विधान सौधा) के आदर्श वाक्य “सरकार का कार्य ईश्वर का कार्य है” का उदाहरण देते हुए कहा कि हरियाणा के 90 विधायकों पर बड़ी आबादी और बजट के प्रबंधन की जिम्मेदारी है। व्यक्तिगत प्रयासों के साथ-साथ लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना ही जनहित का एकमात्र रास्ता है।

उन्होंने लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला के मार्गदर्शन में सभी विधानसभाओं के लिए एक ‘साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म’ बनाने की बात कही, ताकि राज्यों के बीच ‘सर्वोत्तम प्रथाओं’  को साझा किया जा सके।

अध्यक्ष द्वारा इस अवसर पर विधायकों की सहायता के लिए एक विशेष ‘मार्गदर्शन पुस्तिका’  भी जारी की गई, जिसमें विधायी निर्णय लेने और चुनौतियों का सामना करने के सूत्र दिए गए हैं। भविष्य में एक विस्तृत पुस्तिका बनाने की भी योजना है।

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विस अध्यक्ष कल्याण ने मुख्यमंत्री और संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा के सहयोग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सफलता का पैमाना रातों-रात शत प्रतिशत परिणाम हासिल करना नहीं, बल्कि निरंतर अपनी क्षमता में सुधार करना है। यदि एक जनप्रतिनिधि अपनी कार्यक्षमता को बढ़ाता है, तो यह प्रदेश के विकास के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।

इस मौके पर हरियाणा विधान सभा के उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा ने विषय विशेषज्ञों और विधायकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि जनप्रतिनिधियों को उनके उत्तरदायित्वों को फिर से समझने और उन्हें अधिक प्रभावशाली ढंग से निभाने के लिए प्रेरित करने का एक प्रयास है।

इस दौरान राज्य सभा के पूर्व सदस्य डॉ. विनय सहस्रबुद्धे ने ‘संसदीय समितियां और कार्यपालिका की जवाबदेही सुनिश्चित करने में उनकी भूमिका’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि भारत में संसदीय समितियों की एक समृद्ध परंपरा रही है, जो समय के साथ विकसित हुई है। हरियाणा विधानमंडल में भी समितियों की इसी तरह की परंपरा मौजूद है। लोकतंत्र में संस्थाओं का विकास एक निरंतर प्रक्रिया है।

उन्होंने कहा कि बजट केवल एक दस्तावेज नहीं है, बल्कि पूरे साल के सरकारी खर्च का आकलन है। अब संसदीय समितियां बजट प्रस्तावों पर बारीकी से चर्चा करती हैं, कमियों को उजागर करती हैं और यह सवाल पूछती हैं कि पिछला आवंटित बजट खर्च क्यों नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि संसदीय समितियां ‘लघु संसद’ के रूप में कार्य करती हैं, जिससे सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित होती है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूती मिलती है।

इस दौरान हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) के महानिदेशक मनोज यादव, लोक सभा के संयुक्त सचिव धीरज कुमार, लोक सभा सचिवालय में निदेशक भारती संजीव टुटेजा और प्राइड के निदेशक राजकुमार ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर हरियाणा के संसदीय कार्य मंत्री महीपाल ढांडा, पंचायत एवं विकास मंत्री मंत्री कृष्ण लाल पंवार, बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी एवं बड़ी संख्या में विधायक, विधानसभा सचिव राजीव प्रसाद और अध्यक्ष के सलाहकार राम नारायण यादव समेत अनेक अधिकारी मौजूद रहे।

 

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