पंचकूला 7 जनवरी : हरियाणा दर्शन यात्रा के अंतर्गत कश्मीर से आए छात्र प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रसिद्ध हरियाणवी गायक एवं हरियाणा सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग में ओएसडी (निदेशक) गजेंद्र फोगाट ने विस्तृत एवं प्रेरक संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हरियाणा की कला और संस्कृति आज अपने उच्च शिखर पर है तथा यहां की समृद्ध लोक परंपराएं देश की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त बनाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीर के लोकगीतों और सांस्कृतिक विरासत ने अपनी मधुरता, भावनात्मक गहराई और विशिष्टता के माध्यम से पूरी दुनिया को मोहित किया है।
गजेंद्र फोगाट ने दोनों क्षेत्रों की लोकसंस्कृति को जोड़ने वाली कड़ी बताते हुए कहा कि संगीत और कला के माध्यम से देश की एकता और आपसी सौहार्द को और अधिक मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों को समझें, विविधताओं का सम्मान करें और राष्ट्र निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाएं।

युवा कल्याण संयोजक नरेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा सरकार के युवा कल्याण कार्यक्रम के तहत हरियाणा दर्शन यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य कश्मीर और हरियाणा के युवाओं के बीच आपसी समझ, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता की भावना को प्रोत्साहित करना है। यात्रा के दौरान कश्मीरी छात्र प्रतिनिधिमंडल हरियाणा के प्रमुख, ऐतिहासिक एवं प्राचीन स्थलों का भ्रमण करेगा तथा राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों के साथ संवाद करेगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम युवाओं को देश की विविध संस्कृति से परिचित कराते हैं और एक भारत श्रेष्ठ भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

हरियाणा दर्शन यात्रा के अंतर्गत कश्मीरी छात्र प्रतिनिधिमंडल ने नेचर कैंप थपली का भ्रमण किया, जहां विद्यार्थियों ने प्राकृतिक वातावरण के बीच समय बिताया और ट्रैकिंग गतिविधियों का आनंद लिया। इस अवसर पर डिप्टी रेंज अधिकारी विजय नेहरा ने छात्रों को नेचर कैंप थपली की विशेषताओं, जैव विविधता, वन्य जीवन तथा ट्रैकिंग की मूलभूत तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ट्रैकिंग से अनुशासन, टीम भावना और आत्मनिर्भरता का विकास होता है।

उन्होंने यह भी बताया कि इस क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की वनस्पतियां और जीव-जंतु पाए जाते हैं, जो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही उन्होंने छात्रों को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और वन क्षेत्रों में जिम्मेदार व्यवहार के महत्व के बारे में जागरूक किया। इस अवसर पर वन दरोगा भूपेंद्र भी उपस्थित रहे। नेचर कैंप थपली भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने थपली गांव के सरपंच सुनील से भी भेंट की, जिन्होंने गांव में पंचायत की कार्यप्रणाली एवं ग्रामीण विकास से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी। छात्रों ने इस पूरे अनुभव को ज्ञानवर्धक और रोमांचक बताते हुए प्रकृति संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।