फसल बर्बादी और रबी सीजन पर पानी के संकट से परेशान किसानों ने राहत राशि को अपर्याप्त बताया; गोरेगांव में अनोखे विरोध के जरिए सरकार के फैसले पर उठाए सवाल।
राहुल गुप्ता
गोरेगांव, 18 अक्टूबर। महाराष्ट्र में बारिश की लंबी खेंच से खरीफ फसलों को हुए नुकसान और रबी सीजन पर पानी के संकट के बीच किसानों ने दिवाली के लिए घोषित ₹5,000 की सहायता राशि पर नाराजगी जताई है। गोरेगांव के किसानों ने विरोध के अनोखे तरीके के तहत आपस में ₹5,000 जमा किए और बैंक ऑफ बड़ौदा के चेक के जरिए यह रकम मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भेज दी।
किसानों ने सवाल उठाया कि जब सरकार ने दिवाली मनाने के लिए ₹5,000 की मदद घोषित की है, तो मुख्यमंत्री भी इसी रकम में दिवाली मनाकर दिखाएं। उनका कहना है कि खेती में हुए नुकसान और मौजूदा आर्थिक संकट के मुकाबले यह सहायता बेहद कम है।
खरीफ की फसल बर्बाद, रबी पर भी संकट
इस साल लंबे समय तक बारिश नहीं होने से खेतों में खड़ी फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। कई किसानों का खरीफ सीजन प्रभावित हुआ है, जबकि पानी की कमी के कारण रबी की फसल पर भी संकट मंडरा रहा है। उत्पादन घटने और खेती की लागत बढ़ने से किसानों की आर्थिक मुश्किलें बढ़ गई हैं।
ऐसे हालात में दिवाली जैसे प्रमुख त्योहार के खर्च जुटाना भी किसानों के लिए चुनौती बन गया है। किसानों का कहना है कि सरकार की ओर से घोषित राशि से त्योहार की जरूरतें पूरी करना मुश्किल है।
महंगाई ने बढ़ाई परेशानी
खाद्य तेल, चीनी और अन्य जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से घरेलू खर्च भी बढ़ गया है। किसानों ने कहा कि मौजूदा हालात में ₹5,000 से त्योहार का खर्च संभालना आसान नहीं है।
प्रदर्शन में शामिल किसानों ने सरकार से अधिक ठोस आर्थिक सहायता देने और खेती से जुड़े संकटों पर गंभीरता से ध्यान देने की मांग की। क्रांतिकारी शेतकरी संगठन के जिला अध्यक्ष नामदेव पतंगे सहित संगठन के कार्यकर्ता और किसान इस विरोध में शामिल हुए।
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