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स्वास्थ्य मंत्री ने फिर की डॉक्टरों से हड़ताल से लौटने की अपील

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चंडीगढ़, 10 दिसंबर : हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (HCMSA) की लंबित एवं वाजिब मांगों के समाधान के लिए सरकार चर्चा और संवाद के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने एसोसिएशन के सभी डॉक्टरों से अपील की कि वे जनहित को देखते हुए जल्द से जल्द अपनी ड्यूटी जॉइन करें और तुरंत हड़ताल वापस लें। एसोसिएशन के सभी मुद्दे सरकार के विचाराधीन हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वर्तमान स्थिति का गंभीरता से संज्ञान लिया है और आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने तथा राज्य के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में आने वाले सभी मरीजों को निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए हैं। इस संबंध में विभिन्न विभागों जैसे नेशनल हेल्थ मिशन, मेडिकल एजुकेशन एवं रिसर्च विभाग,  आयुष विभाग, आयुष्मान भारत, श्रम/ईएसआई  विभाग, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन आदि के साथ अंतर-विभागीय समन्वय बैठक आयोजित की गई।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में सुचारू और निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ/डॉक्टरों को ड्यूटी सौंपी गई है। डॉक्टरों की हड़ताल को देखते हुए गत 9 दिसंबर को सरकार द्वारा कुल 2543 वैकल्पिक डॉक्टरों की व्यवस्था की गई, जिसमें लगभग 456 डॉक्टर डीएमईआर  से, 424 आयुष  विभाग से, 67 ईएसआई से, 50 आयुष्मान भारत पैनल अस्पतालों से और 639 एनएचएम से हैं, जिन्होंने राज्य के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं। उन्होंने बताया कि राज्य के सभी जिलों में स्वास्थ्य विभाग की सभी आवश्यक और मुख्य सेवाएं नियमित रूप से संचालित रहीं।  

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गत 9 दिसंबर को कुल 69,316 मरीजों ने ओपीडी सेवाएं लीं।  इनके अलावा , 2,433 मरीज भर्ती किए गए , 202 ऑपरेशन किए गए , 1,498 मरीजों को इमरजेंसी सेवाएं मिलीं,  320 प्रसव सरकारी अस्पतालों के लेबर रूम में हुए, 52 मरीज आईसीयू /एचडीयू में उपचारित हुए, 1,86,024 दवाएं वितरित की गईं , 136 मेडिको-लीगल रिपोर्ट तैयार की गईं तथा 56 पोस्टमॉर्टम किए गए।

उन्होंने बताया कि आज 10 दिसंबर को सरकार ने कुल 2531 वैकल्पिक डॉक्टरों की व्यवस्था की गई, जिसमें 74 उक्त एसोसिएशन के डॉक्टरों ने पुनः अपनी ड्यूटी जॉइन की, और लगभग 440 डीएमईआर से, 480 आयुष  विभाग से, 70 ईएसआई से, 53 आयुष्मान भारत पैनल अस्पतालों से, तथा 595 एनएचएम से डॉक्टर राज्य के विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की हैं।

इसके अलावा, सेवाओं में बाधा न आए, इसके लिए आवश्यक सेवाओं के अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) लागू करने संबंधी नोटिस जारी किया गया है। आने वाले दिनों में भी विभिन्न क्षेत्रों के डॉक्टरों को नियमित रूप से ड्यूटी सौंपी गई है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को उचित ईलाज देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।

 

 

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