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सुखना चोए वन क्षेत्र में सिटी फॉरेस्ट विकसित करने की परियोजना पर वन विभाग कर रहा काम : बराड़

चंडीगढ़ के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने की वन, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवीकरणीय ऊर्जा विभागों की परियोजनाओं-योजनाओं की समीक्षा
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़। यूटी चंडीगढ़ के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने वीरवार को वन विभाग, पर्यावरण विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग (DST&RE) तथा चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति (CPCC) द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में सचिव वन मंदीप सिंह बराड़; मुख्य वन संरक्षक-cum-प्रधान मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक सौरभ कुमार; अतिरिक्त निदेशक, पर्यावरण विभाग अनुप कुमार सोनी; निदेशक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं नवीकरणीय ऊर्जा नितिश सिंगला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान मुख्य वन संरक्षक (CCF) ने चंडीगढ़ के वन एवं वृक्ष आवरण पर विस्तृत प्रस्तुति दी तथा वनों के वैज्ञानिक प्रबंधन और वन्यजीव आवासों के समेकित विकास हेतु विभाग द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों की जानकारी दी।
मुख्य सचिव को अवगत कराया गया कि ग्रीनिंग चंडीगढ़ एक्शन प्लान 2025-26 के अंतर्गत 5,76,221 पौधे लगाने के लक्ष्य के मुकाबले विभिन्न हरित एजेंसियों एवं अन्य हितधारकों द्वारा कुल 6,64,133 पौधे लगाए गए हैं, जिनकी मार्च 2026 तक औसत जीवित रहने की दर लगभग 79 प्रतिशत रही। बैठक में विभाग द्वारा किए जा रहे प्रमुख कार्यों, जिनमें भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून के सहयोग से वन्यजीव सर्वेक्षण, फिश डाइवर्सिटी स्टडी तथा वेटलैंड मित्र कार्यक्रम शामिल हैं, की भी जानकारी दी गई।
मंदीप सिंह बराड़, सचिव वन ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए पौधारोपण योजना अंतिम चरण में है तथा विभाग संख्या के बजाय गुणवत्तापूर्ण पौधारोपण पर विशेष ध्यान दे रहा है। उन्होंने बताया कि चालू वर्ष के लिए वितरण सहित 4,10,725 पौधों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने आगे बताया कि विभाग सुखना चोए वन क्षेत्र में सिटी फॉरेस्ट विकसित करने की परियोजना पर भी कार्य कर रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य संरक्षण एवं पारिस्थितिक जागरूकता को बढ़ावा देना, सतत इको-टूरिज्म विकसित करना, जागरूकता, शिक्षा एवं क्षमता निर्माण को प्रोत्साहित करना तथा व्यवहारिक एवं अनुभवात्मक सीख को बढ़ावा देना है। परियोजना का उद्देश्य प्रकृति आधारित शिक्षण अवसरों के माध्यम से पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना तथा चंडीगढ़ में पर्यावरणीय रूप से संतुलित और आर्थिक रूप से व्यवहार्य इको-टूरिज्म को बढ़ावा देना है।
बैठक की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने विभाग को वनों के वैज्ञानिक प्रबंधन एवं पर्याप्त संरक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पौधारोपण गतिविधियां स्थल की आवश्यकताओं का सावधानीपूर्वक आकलन करने के बाद ही की जाएं तथा बेहतर वृद्धि एवं संरक्षण के लिए उपयुक्त प्रजातियों का चयन कर उनका उचित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने वैज्ञानिक वन प्रबंधन हेतु वर्किंग प्लान की तैयारी में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। शहरी क्षेत्रों में शहर की सुंदरता बढ़ाने के लिए उपयुक्त रंग-बिरंगी झाड़ियों के रोपण को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।
नितिश सिंगला, निदेशक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं नवीकरणीय ऊर्जा ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, जिनमें रिसर्च एंड डेवलपमेंट सपोर्ट टू रिसर्च इंस्टीट्यूशंस, पॉपुलराइजेशन ऑफ साइंस, पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना तथा इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी शामिल हैं, पर प्रस्तुति दी।
मुख्य सचिव ने कहा कि रिसर्च एंड डेवलपमेंट योजना का फोकस नवाचार को बढ़ावा देने, वैज्ञानिक अनुसंधान को मजबूत करने तथा समाज पर व्यापक प्रभाव डालने वाले ठोस परिणाम सुनिश्चित करने पर होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पॉपुलराइजेशन ऑफ साइंस कार्यक्रम का विस्तार कर इसे ईको-क्लब गतिविधियों के साथ जोड़ा जा सकता है। उन्होंने विभाग को सभी लंबित परियोजनाओं को तीन माह की अवधि में पूरा करने के निर्देश दिए।
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