सद्गुरु संत रविदास की 650वीं जयंती वर्ष पर सीएम योगी ने उनकी जन्मस्थली स्थित मंदिर जाकर टेका मत्था
मुख्यमंत्री ने संत रविदास की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सामाजिक समरसता का दिया संदेश
भदोही का नाम पुनः ‘संत रविदास नगर’ करने की घोषणा से अनुयायियों में उत्साह
अनुयायियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति जताया आभार, फैसले का किया स्वागत
11 हजार से अधिक दीपों की रोशनी से आलोकित हुए रविदास पार्क और रविदास घाट
न्यूज़म ब्यूरो
वाराणसी, 29 जुलाई। संत रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित राष्ट्रव्यापी ‘समरसता संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित ‘समरसता संकल्प सभा’ में शामिल होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर पहुंचकर उनकी प्रतिमा के आगे श्रद्धापूर्वक शीश नवाया और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने रविदास स्मारक में लगी उनकी विशाल कांस्य प्रतिमा पर भी पुष्पांजलि अर्पित की।

जनसभा के बाद रविदास पार्क एवं रविदास घाट पर भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जनप्रतिनिधियों समेत अन्य लोगो ने 11 हजार से अधिक दीप प्रज्ज्वलित कर सामाजिक समरसता, और सद्भाव का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री द्वारा भदोही जिले का नाम फिर से ‘संत रविदास नगर’ किए जाने की घोषणा का संत रविदास के अनुयायियों ने स्वागत किया।
धर्मपाल सिंह और अविनाश चंद्र ने कहा कि गुरु रविदास के नाम पर जिले का नाम होना उनके लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय है।
वहीं, वरिंदर बब्लू, देशराज और कृष्ण लाल ने भदोही का नाम पुनः संत रविदास नगर किए जाने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे संत रविदास के प्रति सम्मान बताया।
अपने शासन काल में अखिलेश यादव ने भदोही से संत रविदास का नाम हटाया, सीएम योगी वापस ला रहे पहचान
दलितों के वोट की खातिर सपा प्रमुख अखिलेश यादव पीडीए समाज की बात कर रहे हैः डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल
डॉ. निर्मल ने भदोही जिले का नाम फिर से संत रविदास नगर रखे जाने पर सीएम योगी के प्रति जताया आभार
लखनऊ, 29 जुलाई। उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष एवं सदस्य विधान परिषद डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भदोही जिले का नाम फिर से संत रविदास नगर रखे जाने पर उन्हें हार्दिक बधाई दी और उनका आभार व्यक्त किया है। डॉ. निर्मल ने कहा कि दलितों के वोट की खातिर सपा प्रमुख अखिलेश यादव पीडीए समाज की बात कर रहे हैं और ये वही अखिलेश यादव हैं, जिन्होंने सत्ता में रहते हुए दलित समाज के संत रविदास जी के नाम से बने जिले का नाम भदोही कर दिया था। अखिलेश यादव का दलित विरोध किसी से छिपा नहीं है।
डॉ. निर्मल ने कहा कि सपा प्रमुख ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आम्बेडर, छत्रपति शाहू जी महाराज के नाम पर बने जिलों, विश्वविद्यालयों का नाम बदल दिया, जबकि सीएम योगी लखनऊ में डॉ. आम्बेडकर जी का भव्य स्मारक बनवा रहे हैं ।
उन्होंने यह भी कहा कि धर्म और जाति से हटकर हमेशा मानव कल्याण की बात करने वाले इन महापुरुषों का सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने हमेशा अपमान किया है। वैसे तो अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी का इतिहास रहा है कि इन लोगों ने हमेशा समतामूलक समाज स्थापित करने वाले महापुरुषों को अपमानित करने का कोई भी मौका नहीं छोड़ा है।
डॉ. निर्मल ने कहा कि अखिलेश यादव ने तो अपने शासनकाल में इन महापुरुषों का इतिहास मिटाने की कोशिश की और भगवान बुद्ध की माता के नाम से बनाया गया जिला महामाया नगर के साथ पंचशील नगर जिले का नाम बदल दिया। महात्मा ज्योतिबा फुले के नाम से बने जिले का नाम भी बदल दिया। अखिलेश यादव संविधान की रक्षा की बात करते हैं और खुद को डॉ. आम्बेडर के समकक्ष खड़ा करके बाबा साहब और उनके करोड़ों अनुयायियों का अपमान करने से परहेज नहीं करते।
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