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जमुई में नाबालिग से यौन उत्पीड़न के वीडियो प्रसार पर 120 लोगों पर एफआईआर

पुलिस ने सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित कर नाबालिग की पहचान उजागर करने के आरोप में 120 उपयोगकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया, घटना में अब तक तीन आरोपी गिरफ्तार

राहुल गुप्ता
जमुई, 22 सितंबर।

बिहार के जमुई में नाबालिग किशोरी के कथित यौन उत्पीड़न के मामले में पुलिस ने सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित करने वाले लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है। जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल के मुताबिक, नाबालिग का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर उसकी पहचान उजागर करना गंभीर अपराध है। इसी मामले में पुलिस ने 120 सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यौन उत्पीड़न से जुड़े वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित न करें और पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली कोई भी सामग्री साझा करने से बचें।

क्या है जमुई यौन उत्पीड़न मामला?

पुलिस के मुताबिक, शनिवार 19 सितंबर की शाम कक्षा 10 का एक छात्र अपनी महिला मित्र के साथ जमुई के एक लोकप्रिय हिल स्टेशन से लौट रहा था। इसी दौरान कुछ युवकों ने उनका पीछा किया और उनकी स्कूटर रोक ली।

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आरोप है कि युवकों ने दोनों को गालियां दीं और स्कूटर से उतरने के लिए मजबूर किया। इसके बाद किशोरी के साथ यौन उत्पीड़न किया गया और उसके साथ मौजूद किशोर के साथ मारपीट की गई।

घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर नाराजगी देखने को मिली। वीडियो के प्रसार के बाद बिहार सरकार को लेकर भी सवाल उठाए गए।

तीन आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी की तलाश

घटना के बाद पुलिस ने अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। मामले की विस्तृत जांच के लिए विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन भी किया गया है।

पुलिस के अनुसार, पीड़ित किशोरों की ओर से अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। हालांकि, वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सात आरोपियों की पहचान की है। इनमें मुख्य आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है।

पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

राहुल गांधी ने घटना पर उठाए सवाल

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी जमुई की घटना को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में घटना के वीडियो को लेकर चिंता जताई और कहा कि उसमें दिखाई देने वाले हर व्यक्ति की पहचान की जानी चाहिए।

उन्होंने आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत कार्रवाई और जल्द सजा की मांग की। राहुल गांधी ने बिहार सरकार से यह भी सवाल किया कि शाम के समय राज्य की सड़कों पर लड़कियों की सुरक्षा को लेकर ऐसी स्थिति क्यों बन रही है।

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