Follow

वित्तमंत्री ने दिया रात्रि भोज, राज्यपाल सहित गणमान्यों की मौजूदगी से सज गई महफिल

Listen to this article

हरियाणा के राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने सिरसा लोकसभा क्षेत्र के सांसद खेल महोत्सव से जुड़ी स्मरणिका का किया विमोचन

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 6 मार्च : हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी के आवास संत कबीर कुटीर में गुरुवार रात को दिए गए रात्रि भोज में राज्यपाल प्रोफेसर आशिम कुमार घोष अपनी धर्मपत्नी मित्रा घोष के साथ बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। यहां पहुंचने पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उनकी धर्मपत्नी सुमन सैनी ने राज्यपाल और उनकी धर्मपत्नी को पुष्प गुच्छ अर्पित कर स्वागत सत्कार किया।

Advertisement

मौके पर हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण भी अपनी धर्मपत्नी के साथ संत कबीर कुटीर की रौनक बढ़ाने पहुंचे, जहां उनकी 35वीं वैवाहिक वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए केक काटने का इंतजाम किया गया था। इस मौके पर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंडित मोहन लाल बडौली, प्रदेश सरकार के कई मंत्री, विधायक, आला अफसरान, विभिन्न आयोगों के चेयरमैन, सांसदों समेत पंजाब भाजपा के प्रधान सुनील जाखड़, भाजपा महामंत्री डॉ सुभाष शर्मा सहित सीएमओ के आला अधिकारी मौजूद रहे।

वहीं संत कबीर कुटीर के आगे वाले लॉन में वित्त विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी वित्तमंत्री नायब सिंह सैनी की तरफ से डिनर पर न्योता गया था। मौके पर मीडिया के वरिष्ठ सदस्य भी सूबे के खजाना मंत्री की बुलाई महफिल के गवाह बनने पहुंचे हुए थे। देर रात तक हरियाणा सीएम आवास के आस पास लाल नीली बत्ती लगी चमचमाती गाड़ियों के काफिले से चहल पहल बनी रही।

हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को सिरसा लोकसभा क्षेत्र के सांसद खेल महोत्सव से जुड़ी स्मरणिका का संयुक्त रूप से विमोचन किया।

सांसद खेल महोत्सव का आयोजन 21 सितंबर से 25 सितंबर, 2025 तक किया गया। राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खेलों के प्रति समर्पण की भावना और उभरते खिलाड़ियों को एक बड़ा मंच उपलब्ध करवाने के उनके ध्येय के अनुसार लगातार सांसद खेल महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में खेल भारत में पहली बार केवल पदक या प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहे, बल्कि युवा विकास और राष्ट्र निर्माण की राष्ट्रीय नीति का हिस्सा बने हैं। खेलो इंडिया, फिट इंडिया मूवमेंट और राष्ट्रीय खेल नीति जैसी पहले इस बात का प्रमाण है कि खेल अब नेतृत्व और समाज दोनों के केंद्र में हैं।

 

What are your Feelings
Advertisement
Tap to Refresh