मंत्री प्रदेश के सरकारी शिक्षण संस्थानों में बुनियादी ढांचा मजबूत करने व प्रशासनिक कसावट लाने को खुद ग्राउंड पर उतरकर स्थिति का ले रहे हैं जायजा
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 24 अगस्त। हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा प्रदेश की सरकारी शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और राजकीय स्कूलों में धरातलीय स्तर पर व्यापक सुधार लाने के लिए पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। राज्य के सरकारी शिक्षण संस्थानों में बुनियादी ढांचा मजबूत करने और प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से शिक्षा मंत्री स्वयं ग्राउंड पर उतरकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
इसी कड़ी में सोमवार को शिक्षा मंत्री ने प्रदेश के तीन राजकीय स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सबसे पहले करनाल जिले के नीलोखेड़ी क्षेत्र के रायपुर रोडान गांव स्थित राजकीय प्राइमरी स्कूल और राजकीय हाई स्कूल का दौरा किया। इसके बाद वे अंबाला के ‘पीएम श्री’ राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, शाहा पहुंचे। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने स्कूल परिसरों की साफ-सफाई, पीने के पानी और शौचालयों जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्थाओं का बारीक अवलोकन किया।

सरपंचों, एसएमसी और छात्रों से सीधा संवाद
निरीक्षण के दौरान मंत्री महीपाल ढांडा ने एक नई और संवेदनशील पहल की। उन्होंने मौके पर ही संबंधित गांवों के पंचों और सरपंचों को बुलाया ताकि स्थानीय स्तर की समस्याओं पर तुरंत बात की जा सके। इसके बाद मंत्री ने एसएमसी व प्रत्येक कक्षा में जाकर छात्रों से सीधा संवाद किया और उनसे पढ़ाई के स्तर, किताबों की उपलब्धता तथा अन्य समस्याओं के बारे में विस्तृत जानकारी ली।
शिक्षा मंत्री ने मौके पर ही निर्देश दिए कि जो समस्याएं पंचायत अथवा सरपंच स्तर पर हल की जा सकती हैं, उनका समाधान तुरंत स्थानीय प्रशासन और पंचायत के सहयोग से कराया जाए। वहीं, जो मुद्दे शिक्षा विभाग के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, मंत्री ने उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द हल करने का ठोस आश्वासन दिया।
1500 राजकीय स्कूलों के कायाकल्प की योजना
इस दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा कि हरियाणा का शिक्षा विभाग प्रदेश के सरकारी स्कूलों को मॉडल शिक्षण संस्थानों के रूप में विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके लिए विभाग ने एक विस्तृत और चरणबद्ध योजना तैयार की है।
योजना के पहले चरण में राज्य के 1500 राजकीय स्कूलों को चिह्नित किया गया है, जहां बेहतर शैक्षणिक माहौल, आधुनिक बुनियादी सुविधाएं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इस प्रथम चरण के पूरा होने के बाद, अन्य सभी सरकारी स्कूलों का भी चरणबद्ध तरीके से कायाकल्प (रिनोवेशन) किया जाएगा ताकि निजी स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित हो सके।
महीपाल ढांडा ने विभागीय अधिकारियों को हिदायत दी कि सरकारी शिक्षण संस्थानों के संचालन में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अध्यापकों और प्राचार्यों से संवाद करते हुए कहा कि शिक्षक अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएं। उन्होंने स्कूलों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए और कहा कि एक स्वच्छ वातावरण ही बच्चों के सर्वांगीण विकास का आधार होता है।
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