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प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में 'विकसित भारत 2047' का मार्ग प्रशस्त करता आर्थिक सर्वेक्षण : जयराम ठाकुर

दोनों नेताओं के बीच हिमाचल प्रदेश के राजनैतिक परिदृश्य, आगामी संगठनात्मक गतिविधियों और राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मसलों पर विस्तृत चर्चा हुई

न्यूज़म ब्यूरो

शिमला / दिल्ली : हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आज दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से उनके कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच हिमाचल प्रदेश के राजनैतिक परिदृश्य, संगठनात्मक विषयों पर चर्चा हुई। इस भेंट के बाद जयराम ठाकुर ने संसद में पेश केंद्रीय आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व और 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को सिद्ध करने वाला एक ऐतिहासिक दस्तावेज करार देते हुए कहा कि आज भारत वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी दुनिया की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी धाक जमा रहा है, जिसका पूरा श्रेय मोदी सरकार की दूरगामी सोच, कड़े आर्थिक सुधारों और 'सबका साथ, सबका विकास' के मूल मंत्र को जाता है। 

ठाकुर ने रेखांकित किया कि सर्वेक्षण में दर्शाई गई जीडीपी वृद्धि दर और राजकोषीय स्थिरता यह स्पष्ट करती है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले एक दशक में जो नीतिगत ढांचा तैयार किया है, वह अब आत्मनिर्भरता के फल दे रहा है; विशेषकर पूंजीगत व्यय में की गई रिकॉर्ड वृद्धि ने न केवल देश के बुनियादी ढांचे का कायाकल्प किया है, बल्कि हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में कनेक्टिविटी और पर्यटन के नए युग की शुरुआत की है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अपार अवसर सृजित हुए हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया, पीएलआई स्कीम और एमएसएमई क्षेत्र को मिलने वाला प्रोत्साहन प्रधानमंत्री के उस विजन का हिस्सा है जो भारत को आगामी दो दशकों में एक वैश्विक महाशक्ति बनाने की दिशा में केंद्रित है।

जयराम ठाकुर ने विशेष रूप से बैंकिंग क्षेत्र की मजबूती और मुद्रास्फीति पर प्रभावी नियंत्रण की सराहना करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने गरीब कल्याण और मध्यम वर्ग के हितों को सर्वोपरि रखकर आर्थिक संतुलन का जो उदाहरण पेश किया है, वह अद्भुत है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह आर्थिक सर्वेक्षण न केवल भविष्य के बजट का ठोस आधार है, बल्कि यह 140 करोड़ भारतीयों के उस आत्मविश्वास का प्रतिबिंब है जो प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में 2047 तक भारत को एक विकसित और समृद्ध राष्ट्र बनाने के लिए संकल्पबद्ध हैं, जिसमें हिमाचल प्रदेश अपनी जल-विद्युत क्षमता, जैविक खेती और पर्यटन के माध्यम से अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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