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39,111 झोपड़ियों पर कार्रवाई से पहले पुनर्वास की मांग

अशरफ आज़मी ने महापौर और आयुक्त को लिखा पत्र

रीमा सिंह

मुंबई, 22 सितंबर।

14 फीट या उससे अधिक ऊंचाई वाली 39,111 झोपड़ियों पर प्रस्तावित BMC कार्रवाई को लेकर कांग्रेस के BMC ग्रुप लीडर अशरफ आज़मी ने महापौर रितू तावड़े और BMC आयुक्त अश्विनी भीड़े को अलग-अलग पत्र लिखकर कार्रवाई पर पुनर्विचार करने की मांग की है। आज़मी ने कहा कि बड़े पैमाने पर कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, वैकल्पिक आवास और पुनर्विकास की स्पष्ट व्यवस्था की जानी चाहिए।

31,227 संरचनाएं पूर्वी उपनगरों में

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BMC की 19 सितंबर 2026 की प्रेस विज्ञप्ति PR/466 के अनुसार, 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 के बीच 14 फीट या उससे अधिक ऊंचाई वाली झोपड़ियों के खिलाफ विशेष कार्रवाई प्रस्तावित है। BMC के अनुसार ऐसी 39,111 संरचनाओं की पहचान की गई है, जिनमें 31,227 पूर्वी उपनगरों में हैं। इनमें से 4,584 संरचनाओं पर कार्रवाई और 611 को नोटिस जारी किए जाने की जानकारी दी गई है।

अवैध निर्माण के समर्थन से इनकार

आज़मी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस अवैध निर्माण का समर्थन नहीं करती। हालांकि उनका कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उनके भविष्य को लेकर स्पष्ट नीति जरूरी है। उन्होंने पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें उपलब्ध आवास योजनाओं से जोड़ने की मांग की।

नोटिसों को स्थगित करने की मांग

BMC हाउस लीडर गणेश खणकर ने भी 14 फीट से अधिक ऊंचाई वाली झोपड़ियों को जारी नोटिसों को स्थगित करने की मांग की है। उनके अनुसार इससे झोपड़पट्टी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में भय का माहौल पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि जीवन के लिए खतरनाक संरचनाओं पर कार्रवाई आवश्यक है, लेकिन केवल ऊंचाई के आधार पर व्यापक कार्रवाई पर पुनर्विचार होना चाहिए।

40 लाख घरों के वादे का मुद्दा

आज़मी ने जनवरी 2026 के BJP–शिवसेना–RPI(A) के संयुक्त BMC चुनावी घोषणापत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें मुंबई को पांच वर्षों में स्लम-फ्री और पगड़ी-फ्री बनाने तथा 40 लाख किफायती घर उपलब्ध कराने का वादा किया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नए घर उपलब्ध कराने की बात की जा रही है, तो मौजूदा झोपड़ियों में रहने वाले परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था पहले क्यों नहीं की जा रही है।

पहले पुनर्वास, फिर कार्रवाई

आज़मी ने SRA, MHADA, PAP, क्लस्टर पुनर्विकास और अन्य योजनाओं के माध्यम से पात्र परिवारों के लिए वैकल्पिक या स्थायी आवास सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने BMC, SRA, MHADA, MMRDA और अन्य संबंधित प्राधिकरणों के समन्वय से बस्तीवार पुनर्वास एवं पुनर्विकास योजना तैयार करने तथा उसके बाद ही कानूनन आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

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