दिल्ली हाईकोर्ट ने छात्रों के लिए हॉस्टल सुविधा से जुड़ी याचिका पर नोटिस जारी किया है
कोर्ट ने केंद्र, दिल्ली सरकार और दिल्ली विश्वविद्यालय से जवाब मांगा है
न्यूज़म ब्यूरो
नई दिल्ली, 9 सितंबर | Delhi Hostel मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र, दिल्ली सरकार और दिल्ली विश्वविद्यालय को नोटिस जारी किया है। याचिका में सभी डीयू कॉलेजों में हॉस्टल सुविधा उपलब्ध कराने और समयबद्ध हॉस्टल विकास नीति बनाने की मांग की गई है। सत्या निकेतन हादसे के बाद छात्र आवास, निजी पीजी और भवन सुरक्षा को लेकर यह मामला अहम हो गया है।
Delhi High Court में क्या हुआ
यह याचिका राष्ट्रीय छात्र संघ के अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने दायर की है।
याचिका में समयबद्ध हॉस्टल विकास नीति बनाने की मांग की गई है।
मामले की अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी।
इसी दिन हॉस्टल और पीजी सुविधाओं से जुड़ी दूसरी याचिका भी सुनी जाएगी।
याचिका में कहा गया है कि कई छात्र निजी आवास पर निर्भर हैं।
कॉलेजों में पर्याप्त हॉस्टल नहीं होने से छात्रों को बाहर रहना पड़ता है।
याचिका में सुरक्षित और संस्थागत आवास की जरूरत पर जोर दिया गया है।
Satya Niketan हादसे के बाद उठी मांग
यह याचिका सत्या निकेतन में इमारत गिरने के बाद सामने आई है।
हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी।
इमारत का इस्तेमाल छात्रों के निजी हॉस्टल के रूप में किया जा रहा था।
घटना के बाद दिल्ली में छात्र आवास की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं।
निजी पीजी और हॉस्टल की निगरानी को लेकर भी चर्चा तेज हुई है।
हाईकोर्ट में एक अन्य याचिका में सुरक्षा ऑडिट की मांग की गई है।
Delhi University के हर कॉलेज में हॉस्टल की मांग
याचिका में दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों में हॉस्टल सुविधा की मांग है।
जहां पर्याप्त जमीन उपलब्ध है, वहां नए हॉस्टल बनाने का सुझाव दिया गया है।
जमीन की कमी वाले कॉलेजों के लिए साझा हॉस्टल का प्रस्ताव रखा गया है।
ऐसे हॉस्टल आसपास के कई कॉलेजों के छात्रों के लिए बनाए जा सकते हैं।
याचिका में छात्रों की आवासीय जरूरतों का व्यापक आकलन करने की मांग भी है।
इसके बाद चरणबद्ध तरीके से हॉस्टल निर्माण करने का सुझाव दिया गया है।
Hostel Policy पर समयबद्ध योजना की मांग
याचिका में विश्वविद्यालय स्तर पर स्पष्ट हॉस्टल नीति बनाने की मांग की गई है।
इसमें छात्रों की संख्या और उपलब्ध आवास का आकलन शामिल होगा।
इसके आधार पर भविष्य की जरूरतों के मुताबिक सुविधाएं बढ़ाने की बात है।
याचिकाकर्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय की स्थापना का भी उल्लेख किया है।
विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 1922 में हुई थी।
शुरुआत में विश्वविद्यालय में करीब 750 छात्र पढ़ते थे।
अब नियमित पाठ्यक्रमों में करीब 1.32 लाख छात्र पढ़ते हैं।
PG Hostel नियमों पर भी चल रही तैयारी
सत्या निकेतन हादसे के बाद निजी पीजी और हॉस्टल पर ध्यान बढ़ा है।
दिल्ली सरकार निजी पीजी सुविधाओं को नियंत्रित करने की तैयारी कर रही है।
सरकार ने इस संबंध में एक विधेयक का मसौदा भी प्रस्तावित किया है।
उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने छात्र आवास तथा भवन सुरक्षा की समीक्षा की है।
बैठक में पीजी नियमों और भवन सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
आगे की कार्रवाई संबंधित नीतियों और अदालत के निर्देशों पर निर्भर करेगी।
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