शिमला में हिमाचल प्रदेश की राजनीति को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है
पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर निशाना साधा
न्यूज़म ब्यूरो
शिमला, 12 सितंबर | CM Sukhwinder Singh Sukhu पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने तीखा राजनीतिक हमला बोला है।
जयराम ने जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री के बयान पर सवाल उठाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पंचायत चुनावों में नियमों और संवैधानिक मर्यादाओं की अनदेखी की।
उन्होंने न्यायालय में सरकार की स्थिति, जनप्रतिनिधियों के सम्मान और प्रशासनिक फैसलों पर भी सवाल उठाए।
कैबिनेट बैठक टलने और जन संवाद कार्यक्रम रद्द होने को लेकर भी उन्होंने कांग्रेस में गुटबाजी का आरोप लगाया।
इसके साथ ही जयराम ठाकुर ने शुल्क बढ़ाने और परिवार रजिस्टर की नकल पर फीस लगाने को लेकर सरकार को घेरा।
CM Sukhwinder Singh Sukhu पर जयराम का सीधा निशाना
जयराम ठाकुर ने सवाल किया कि क्या ये वास्तव में सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया थी।
उन्होंने कहा कि इसके लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका क्यों प्रभावित की गई।
उनका आरोप है कि पंचायत चुनावों को रोकने के लिए कई प्रयास किए गए।
उन्होंने कहा कि सरकार ने इस दौरान नए-नए नियम भी बनाए।
जयराम के मुताबिक, इन नियमों से कुछ लोगों को राजनीतिक लाभ पहुंचाने की कोशिश हुई।
उन्होंने दावा किया कि अदालत ने सरकार के कई फैसलों पर सवाल उठाए।
उनके अनुसार, सरकार को न्यायालय से कई बार फटकार भी मिली।
उन्होंने इसे सरकार के लिए गंभीर राजनीतिक और प्रशासनिक स्थिति बताया।
पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मान का मुद्दा
नेता प्रतिपक्ष ने जिला परिषद और ब्लॉक समिति सदस्यों के बयानों का भी जिक्र किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों की भूमिका को कमतर बताया।
जयराम ने कहा कि इससे पंचायती राज संस्थाओं के सम्मान पर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों के जनादेश का सम्मान होना चाहिए।
उनके मुताबिक, लोकतंत्र में स्थानीय निकायों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से राजनीतिक वास्तविकता को स्वीकार करने की मांग की।
कैबिनेट बैठक टलने पर भी उठाए सवाल
जयराम ठाकुर ने कांग्रेस सरकार के अंदर चल रही स्थिति पर भी टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि पहले से तय कैबिनेट बैठक टाल दी गई।
उनके अनुसार, जन संवाद का कार्यक्रम भी नहीं हुआ।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के कई नेता दिल्ली जा रहे हैं।
जयराम ने इसे पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी से जोड़कर देखा।
उन्होंने सवाल किया कि आखिर सरकार के अंदर इस समय क्या चल रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से प्रदेश की राजनीतिक स्थिति स्पष्ट करने को कहा।
‘सुख’ के नाम पर ‘शुल्क’ वाली सरकार का आरोप
जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी हमला बोला।
उन्होंने सरकार पर अलग-अलग सेवाओं के लिए शुल्क बढ़ाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि लोगों पर लगातार नए आर्थिक बोझ डाले जा रहे हैं।
उन्होंने परिवार रजिस्टर की नकल के लिए शुल्क लगाने का मुद्दा उठाया।
इसके अलावा स्टाम्प और अन्य आवश्यक सेवाओं की कीमतों का भी जिक्र किया।
जयराम ने कहा कि इससे आम लोगों की परेशानियां बढ़ सकती हैं।
सरकार की नीतियों पर विपक्ष का बड़ा हमला
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार के कई फैसले जनहित के विपरीत हैं।
उन्होंने कहा कि जनता अब सरकार के कामकाज को समझ रही है।
जयराम ने दावा किया कि सरकार उपलब्धियों को गिनाकर वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाना चाहती है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से राजनीतिक स्थिति पर खुलकर बोलने की मांग की।
साथ ही उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं और निर्वाचित प्रतिनिधियों का सम्मान जरूरी है।
जयराम के इस बयान से हिमाचल की सियासत में बहस और तेज होने की संभावना है।
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