भारत मंडपम में भारत की तकनीकी क्षमता की शानदार झलक देखने को मिल रही है
18वें BRICS Summit के तहत यहां ‘भारत इनोवेट्स एक्सपोजिशन’ आयोजित किया गया है
न्यूज़म ब्यूरो
नई दिल्ली, 12 सितंबर | 18वें BRICS Summit के तहत भारत मंडपम में 37 अत्याधुनिक भारतीय नवाचार प्रदर्शित किए गए हैं।
इनमें AI Cancer Screening, तैरती सौर ऊर्जा और समुद्री रोबोटिक्स शामिल हैं।
एआई आधारित मातृ-भ्रूण निगरानी प्रणाली भी प्रदर्शनी का प्रमुख हिस्सा है।
कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय डीप-टेक स्टार्टअप को वैश्विक निवेश और साझेदारी से जोड़ना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और BRICS देशों के नेताओं के प्रदर्शनी में पहुंचने की उम्मीद है।
यह आयोजन भारत की शोध, नवाचार और तकनीकी क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती दे रहा है।
एआई आधारित कैंसर जांच बनी प्रमुख आकर्षण
प्रदर्शनी में एआई आधारित गर्भाशय ग्रीवा कैंसर जांच तकनीक खास आकर्षण बनी है।
यह तकनीक स्वास्थ्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीकी इस्तेमाल की तस्वीर पेश करती है।
इसके साथ एआई आधारित मातृ-भ्रूण निगरानी प्रणाली भी प्रदर्शित की गई है।
इन दोनों तकनीकों का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।
प्रदर्शनी में तैरती सौर ऊर्जा तकनीक भी दिखाई गई है।
इस तकनीक को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण नवाचार माना जा रहा है।
समुद्री रोबोटिक्स से जुड़ी तकनीक भी लोगों का ध्यान खींच रही है।
दुर्लभ खनिजों के बिना विकसित इलेक्ट्रिक पावरट्रेन भी यहां पेश किया गया है।
यह तकनीक भविष्य के इलेक्ट्रिक परिवहन की जरूरतों से जुड़ी मानी जा रही है।
भारतीय डीप-टेक को मिला वैश्विक मंच
‘भारत इनोवेट्स एक्सपोजिशन’ का आयोजन शिक्षा मंत्रालय ने किया है।
इसमें विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर कार्यक्रम तैयार किया गया है।
इसका लक्ष्य भारतीय उच्च शिक्षा तंत्र के नवाचारों को वैश्विक मंच देना है।
कार्यक्रम में भारतीय स्टार्टअप और तकनीकी संस्थानों की भागीदारी है।
शोध संस्थान और प्रयोगशालाएं भी इस नवाचार तंत्र का हिस्सा हैं।
रिसर्च पार्क और उच्च शिक्षा संस्थान भी इसमें शामिल हैं।
इस पहल के जरिए वैश्विक कंपनियों से सहयोग बढ़ाने की कोशिश है।
निवेशकों और विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी के अवसर भी तलाशे जा रहे हैं।
इनक्यूबेटर और तकनीकी शोध संस्थान भी इससे जुड़ सकते हैं।
निवेश और अंतरराष्ट्रीय बाजार पर जोर
प्रदर्शनी भारतीय नवाचारों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने पर केंद्रित है।
इससे तकनीकी साझेदारी के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।
निवेश से जुड़ी चर्चाओं को भी इस मंच से बढ़ावा मिलेगा।
बी2बी संपर्क के जरिए कारोबार के नए अवसर बन सकते हैं।
स्टार्टअप को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश का रास्ता मिल सकता है।
वैश्विक कंपनियां भारतीय तकनीकों के साथ साझेदारी कर सकती हैं।
इस पहल से भारत के नवाचार तंत्र को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने की उम्मीद है।
खासकर डीप-टेक स्टार्टअप के लिए यह मंच काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत की BRICS प्राथमिकताओं से जुड़ी प्रदर्शनी
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार यह कार्यक्रम भारत की BRICS अध्यक्षता से जुड़ा है।
भारत की अध्यक्षता का विषय लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता पर आधारित है।
प्रदर्शनी BRICS शिक्षा क्षेत्र की प्राथमिकताओं को भी आगे बढ़ाती है।
इनमें शोध, नवाचार और स्टार्टअप तंत्र को मजबूत करना शामिल है।
भारत इनोवेट्स का पहला संस्करण फ्रांस के नीस में आयोजित हुआ था।
यह आयोजन 14 से 16 जून 2026 तक आयोजित किया गया था।
भारत मंडपम का कार्यक्रम भारत की दूसरी बड़ी डीप-टेक प्रदर्शनी है।
BRICS Business Forum के साथ महत्वपूर्ण आयोजन
यह एक्सपोजिशन 11 सितंबर को BRICS Business Forum के साथ आयोजित हो रहा है।
इससे स्टार्टअप को बड़े कारोबारी समूहों से सीधे जुड़ने का मौका मिलेगा।
इस दौरान विभिन्न BRICS देशों के सीईओ और निवेशक मौजूद रहेंगे।
बिजनेस लीडर और उद्योग प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं।
इस मंच पर तकनीकी साझेदारी और निवेश पर चर्चा हो सकती है।
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार और कारोबारी विस्तार पर बातचीत संभव है।
शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने किया दौरा
शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भारत मंडपम में प्रदर्शनी का दौरा किया।
उन्होंने डीप-टेक स्टार्टअप और नवोन्मेषकों से बातचीत की।
उन्होंने प्रदर्शित तकनीकों और उनके संभावित उपयोग की जानकारी ली।
जोशी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी अपनी प्रतिक्रिया साझा की।
उन्होंने भारतीय नवोन्मेषकों को मिल रहे वैश्विक मंच की सराहना की।
उन्होंने कहा कि स्टार्टअप अपनी प्रतिभा BRICS नेताओं के सामने दिखाएंगे।
उन्होंने भारत की तकनीकी क्षमता को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
BRICS नेताओं के पहुंचने की उम्मीद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रदर्शनी में पहुंचने की उम्मीद है।
BRICS देशों के अन्य नेता भी एक्सपोजिशन का दौरा कर सकते हैं।
नेताओं के दौरे से भारतीय स्टार्टअप को बड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच मिल सकता है।
इससे निवेश और तकनीकी सहयोग की संभावनाएं भी मजबूत हो सकती हैं।
भारत की स्वास्थ्य तकनीक ने इस प्रदर्शनी में खास पहचान बनाई है।
AI Cancer Screening जैसी तकनीकें भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दे सकती हैं।
37 नवाचारों के जरिए भारत अपनी डीप-टेक क्षमता दुनिया के सामने रख रहा है।
यह भी पढ़ें: Haryana Research Fund : 90 शोध परियोजनाओं के लिए ₹11.25 करोड़
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।
