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Punjab Police : गैंगस्टर-नशा नेटवर्क पर मान की सख्ती, विदेशों से लौटे 10 भगोड़े

CM Bhagwant Mann Reviews Punjab Police Operations CM Bhagwant Mann Reviews Punjab Police Operations
CM Bhagwant Mann Reviews Punjab Police Operations

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब पुलिस की विशेष इकाइयों के कामकाज की समीक्षा की

अमृतसर से जुड़े अपराध और नशे के नेटवर्क पर भी पुलिस की कार्रवाई तेज है

न्यूज़म ब्यूरो

चंडीगढ़, 14 सितंबर | मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब पुलिस की विशेष इकाइयों की परिचालन क्षमता और प्रदर्शन की समीक्षा की। बैठक में विदेशों में छिपे अपराधियों और उनके नेटवर्क पर कार्रवाई को लेकर जानकारी दी गई। विदेश से भगोड़ों की वापसी के लिए विशेष प्रकोष्ठ ने आठ महीनों में 10 अपराधियों को भारत लौटाया है। इनमें नौ को निर्वासित किया गया और एक का प्रत्यर्पण हुआ। अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत दलम की मोल्दोवा से वापसी भी इसी कार्रवाई का हिस्सा रही। अमृतसर और पंजाब में गैंगस्टर तथा नशा नेटवर्क के खिलाफ खुफिया आधारित अभियान जारी हैं।

Bhagwant Mann Meets Senior Police Officers
Bhagwant Mann Meets Senior Police Officers

मुख्यमंत्री मान ने पुलिस की तैयारियों की समीक्षा की

चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब पुलिस की विशेष इकाइयों की समीक्षा की। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।

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मुख्यमंत्री ने काउंटर इंटेलिजेंस की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के अभियान पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने मौजूदा चुनौतियों और पुलिस की तैयारियों की जानकारी दी।

अमृतसर में गैंगस्टर नेटवर्क पर पुलिस का फोकस

अमृतसर पंजाब में अपराध नियंत्रण के लिहाज से महत्वपूर्ण जिला है। यहां गैंगस्टर नेटवर्क और नशा तस्करी पर पुलिस लगातार नजर रखती है।

विशेष इकाइयों की खुफिया कार्रवाई को स्थानीय पुलिस से जोड़ा जा रहा है। इससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और कार्रवाई को गति मिलती है।

पुलिस का फोकस गैंगस्टरों के साथ उनके सहयोगियों पर भी है। विदेशों से संचालित नेटवर्क की गतिविधियों पर भी निगरानी बढ़ाई जा रही है।

विदेशों से 10 भगोड़ों को भारत लाया गया

CM Mann Reviews Specialised Police Units
CM Mann Reviews Specialised Police Units

बैठक में विदेशों में छिपे अपराधियों की वापसी पर भी जानकारी दी गई। विदेश भगोड़ा ट्रैकिंग और प्रत्यर्पण प्रकोष्ठ ने उपलब्धियां साझा कीं।

जनवरी 2026 में इसकी शुरुआत के बाद आठ महीनों में 10 भगोड़े लौटे हैं। इनमें नौ निर्वासन और एक महत्वपूर्ण प्रत्यर्पण शामिल है।

मुख्यमंत्री ने इस विशेष व्यवस्था के प्रयासों की सराहना की। अधिकारियों ने विदेशों में मौजूद अपराधियों को वापस लाने की प्रक्रिया बताई।

मोल्दोवा से अमृतपाल की वापसी

बैठक में मोल्दोवा से अपराधी अमृतपाल सिंह की वापसी का भी उल्लेख हुआ। उसे अमृत दलम के नाम से भी जाना जाता है।

पुलिस के अनुसार, वह जग्गू भगवानपुरिया गिरोह का प्रमुख सहयोगी था। मोल्दोवा में अधिकारियों के साथ समन्वय से उसकी वापसी संभव हुई।

मोल्दोवा के अधिकारियों से हुई बैठक की स्मृति चिन्ह भी मुख्यमंत्री को सौंपा गया। इस कार्रवाई को विशेष अभियान की उपलब्धि बताया गया।

एजीटीएफ की कार्रवाई की मुख्यमंत्री ने सराहना की

मुख्यमंत्री ने एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के काम की सराहना की। अधिकारियों ने संगठित अपराध के खिलाफ चल रहे अभियानों की जानकारी दी।

पुलिस अब खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई को प्राथमिकता दे रही है। अंतर-एजेंसी समन्वय को भी अभियान का अहम हिस्सा बनाया गया है।

गैंगस्टर नेटवर्क के साथ उनके मददगारों पर भी कार्रवाई की जा रही है। विदेशों में बैठे संचालकों तक पहुंचने की कोशिश जारी है।

डीएसपी सुखजीत सिंह को आउट-ऑफ-टर्न पदोन्नति

DSP Sukhjit Singh Receives Out-of-Turn Promotion
DSP Sukhjit Singh Receives Out-of-Turn Promotion

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने डीएसपी सुखजीत सिंह की पिपिंग सेरेमनी भी की। उनके कंधों पर पद के बैज लगाए गए।

सुखजीत सिंह को उत्कृष्ट कार्य के लिए पदोन्नति मिली है। उन्हें इंस्पेक्टर पद से सीधे डीएसपी बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने उनके कार्य की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। पुलिस अधिकारियों ने भी इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी।

नशा और संगठित अपराध पर लगातार कार्रवाई

पंजाब पुलिस ने नशा तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ अभियान जारी रखा है। विशेष इकाइयां खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई कर रही हैं।

अमृतसर सहित सीमावर्ती क्षेत्रों में नेटवर्क की गतिविधियों पर विशेष नजर है। पुलिस का उद्देश्य अपराधियों और उनके संचालकों तक पहुंचना है।

सरकार का जोर अपराध के खिलाफ लगातार और समन्वित कार्रवाई पर है। इसके लिए तकनीक, खुफिया जानकारी और अंतर-एजेंसी सहयोग का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है।

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