‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के बाद अभिजीत दीपके ने नए अभियान का ऐलान किया, आदिवासी स्कूलों में सुविधाओं और बच्चों की समस्याओं की जांच का दावा
राहुल गुप्ता
गढ़चिरौली, 17 सितंबर।
सीजेपी यानी कॉकरोच जनता पार्टी अपने ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान को लेकर एक बार फिर चर्चा में है। एक दिन पहले सीजेपी के सह-संयोजक और प्रवक्ता सौरव दास ने नोएडा के एक सरकारी प्राइमरी स्कूल का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। अब सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक नए अभियान की घोषणा की है। इसका नाम ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ रखा गया है।
17 सितंबर से गढ़चिरौली में शुरू होगा अभियान
अभिजीत दीपके ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 17 सितंबर से महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य आदिवासी बच्चों के साथ होने वाले कथित भेदभाव और आदिवासी स्कूलों की स्थिति की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है।
दीपके ने आरोप लगाया कि देश में आदिवासी स्कूलों ने पिछले 80 वर्षों में सरकारी उपेक्षा का सामना किया है।
आदिवासी स्कूलों में सुविधाओं की होगी जांच
अभियान के तहत सीजेपी के प्रतिनिधि आदिवासी स्कूलों का दौरा करेंगे और वहां उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति की जांच करेंगे। दीपके का कहना है कि कई आदिवासी स्कूल किराये की इमारतों में संचालित हो रहे हैं।
यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब करीब एक महीने पहले शुरू किया गया ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान भी चर्चा में है।
महाराष्ट्र में 590 से ज्यादा आदिवासी बच्चों की मौत का दावा
अभिजीत दीपके ने दावा किया कि महाराष्ट्र में पिछले दो वर्षों के दौरान 590 से ज्यादा आदिवासी बच्चों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि कई आदिवासी छात्रों की मौत सांप के काटने जैसी घटनाओं में हो जाती है और इन मामलों पर सरकार की ओर से पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता।
उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग सरकारों ने आदिवासी छात्रों की अनदेखी की है। दीपके ने कहा कि राजनीतिक दल अपने मुख्यालय बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करते हैं, लेकिन आदिवासी आवासीय स्कूलों के लिए पर्याप्त फंड उपलब्ध नहीं कराया जाता।
बालाघाट में 30 से ज्यादा बच्चों की मौत का भी दावा
दीपके ने मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल बालाघाट जिले का जिक्र करते हुए दावा किया कि वहां पिछले दो महीनों में 30 से ज्यादा आदिवासी बच्चों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और उत्तराखंड में भी आदिवासी बच्चों की मौत के मामले सामने आए हैं।
उन्होंने दावा किया कि कई मामलों में मृत बच्चों के परिवारों को मुआवजा तक नहीं मिलता। दीपके ने राजस्थान और मध्य प्रदेश में मृत आदिवासी बच्चों के परिवारों को दी गई सहायता का भी जिक्र किया।
केरल और पंजाब के स्कूलों का भी किया जिक्र
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब एक पत्रकार ने केरल में स्कूल गिरने की घटना को लेकर सवाल किया तो अभिजीत दीपके ने कहा कि वहां जो हुआ, वह भी गलत था। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी ने अलग-अलग राज्यों में खराब स्कूलों की स्थिति को सामने रखा है और पंजाब में भी स्कूलों की हालत दिखाई गई है।
‘सारे मुद्दे हम ही उठाएं, विपक्ष क्या कर रहा?’
दीपके ने विपक्षी दलों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हर मुद्दा सीजेपी ही क्यों उठाए और विपक्ष क्या कर रहा है।
उन्होंने पंजाब, झारखंड और केरल का जिक्र करते हुए कहा कि इन राज्यों में विपक्षी दलों की मौजूदगी है और उन्हें भी स्कूलों की स्थिति को लेकर आवाज उठानी चाहिए। दीपके ने कहा कि सीजेपी को बने अभी करीब दो महीने ही हुए हैं और उससे यह उम्मीद करना कि वह पूरे देश के सभी मुद्दे उठाए, उचित नहीं है।
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।