उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश कांग्रेस सरकार ने बच्चों को ये संदेश देने के बजाय मुख्यमंत्री की अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता का तो इस सरकार से मोहभंग हो ही चुका है लेकिन अब छोटे छोटे बच्चों का सहारा लेकर मुख्यमंत्री अपनी छवि सुधारना चाह रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता के दिलों में जगह बनाने के लिए काम करने होते हैं लेकिन ये सरकार काम करने के बजाए तालाबंदी पर विश्वास करती है।
15 अगस्त के दिन कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों को अनसुना करने पर तंज कसते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री झूठे आश्वासन देने के आदि हो चुके हैं। अब राज्य की खराब आर्थिक स्थिति के बहाने अनाथों व विधवाओं के नाम पर पेट्रोल-डीजल पर सेस वसूल कर सरकार चलाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पहाड़ी राज्य होने के कारण ईंधन महंगा होने से हर वस्तु की कीमत बढ़ रही है और सीधा असर गरीब जनता पर पड़ रहा है।प्रदेशभर में रिज मैदान से लेकर धर्मशाला तक एचआरटीसी कर्मियों, कर्मचारियों और पेंशनरों के उग्र विरोध प्रदर्शन का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की विश्वसनीयता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है और उनकी चुनावी गारंटियां, बजटीय घोषणाएं तथा वादे केवल कागजों तक सीमित हैं। उन्होंने कटाक्ष किया कि खुद को कानून का विद्यार्थी बताने वाले मुख्यमंत्री के कार्यकाल में बड़सर में स्कूल में कार्यक्रम की अनुमति के लिए हाईकोर्ट जाने पर सरकार की फजीहत दुनिया के सामने है।
इसके अतिरिक्त, रविवार सुबह रिज मैदान पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए जयराम ठाकुर ने उन्हें नमन किया और कहा कि अटल टनल के स्वप्नद्रष्टा अटल जी का कार्यकाल हिमाचल के लिए वरदान था, जिनकी पीएमजीएसवाई योजना से आज प्रदेश की 55 फीसदी सड़कों का निर्माण संभव हो सका है। हिमाचल को वो अपना घर मानते थे और सत्ता में रहते हुए और विपक्ष में भी वो मनाली अपने घर प्रीणी आते रहे। यहां से उनका बेहद खास लगाव रहा।
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