मुंबई से दिल्ली जा रहे विमान में कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिया गया; प्रत्यक्षदर्शी ने बताई पूरी घटना
राहुल गुप्ता
नई दिल्ली, 10 अक्टूबर। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने से पहले ही विमान में हिरासत में ले लिया गया। तीनों मुंबई से दिल्ली जा रहे एआई 2428 विमान में सवार थे। विमान में मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, पुलिस की टीम विमान के भीतर पहुंची और पहले रांका, फिर दास और उसके बाद दिपके को हिरासत में लिया गया। इस दौरान दिपके ने लाइव वीडियो शुरू कर दिया और तीनों ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए।
मुंबई हवाई अड्डे पर सुबह से थी हलचल
प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, शुक्रवार से ही मीडिया में इस बात को लेकर उत्सुकता थी कि सीजेपी के प्रमुख नेता दिल्ली कब और कैसे पहुंचेंगे। अभिजीत दिपके सुबह करीब 6:50 बजे मुंबई के वर्ली स्थित फोर सीजन्स होटल से हवाई अड्डे के लिए निकले थे। हवाई अड्डे पर उन्होंने कहा था कि दिल्ली में ट्रेनों को रद्द किए जाने सहित कई तरह की पाबंदियों के बीच सरकार प्रदर्शन को लेकर डरी हुई है।
मुंबई हवाई अड्डे पर बोर्डिंग गेट पर सबसे पहले दिपके पहुंचे। वह सौरव दास और आशुतोष रांका का इंतजार कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, दिपके को चिंता थी कि कहीं उनके साथियों के इंतजार में विमान छूट न जाए।
विमान तक ले जाने वाली बस में भी दिपके का साक्षात्कार लिया जा रहा था। यात्रियों को टर्मिनल-2 से टर्मिनल-1 ले जाया गया। इस दौरान दिपके ने आरोप लगाया कि सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने की कोशिश कर रही है और इसी वजह से गिरफ्तारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा था, “आप पूरी दिल्ली बंद कर सकते हैं, लेकिन हम आएंगे।”
विमान में पुलिस पहुंची तो शुरू किया लाइव वीडियो
प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, विमान में दिपके और उनके साथी अर्थव्यवस्था श्रेणी की पहली पंक्ति में बैठे थे। विमान के उतरने के बाद प्रत्यक्षदर्शी उनकी सीट के पास गया। उस समय दिपके को आगे होने वाली कार्रवाई की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कथित तौर पर कहा, “सबको अंदर कर दिया। हमें भी अंदर कर देंगे।”
कुछ देर बाद केबिन क्रू ने यात्रियों को अपनी सीटों पर बैठने के लिए कहा। इसके बाद पुलिस की एक टीम विमान में दाखिल हुई, जिसकी अगुवाई महिला पुलिसकर्मी कर रही थीं। पुलिस को देखते ही दिपके ने लाइव वीडियो शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने पहले आशुतोष रांका, फिर सौरव दास और अंत में खिड़की के पास बैठे अभिजीत दिपके को हिरासत में ले लिया।
इस घटनाक्रम के दौरान विमान में मौजूद यात्रियों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली थीं। कुछ लोग सीजेपी नेताओं का समर्थन कर रहे थे, जबकि कुछ ने उनका विरोध किया। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, कुछ यात्री दिपके को कवर कर रहे मीडिया कर्मियों से भी नाराज थे। एक बुजुर्ग यात्री ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि दिपके को उनके माता-पिता ने पहले ही अनुशासित किया होता, तो मामला यहां तक नहीं पहुंचता।
‘हम गिरफ्तार होने के लिए ही यहां आए हैं’
तीनों नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद सीजेपी ने बयान जारी किया। पार्टी की ओर से साझा किए गए वीडियो में दिपके पुलिस अधिकारियों से कहते सुनाई दिए, “हम गिरफ्तार होने के लिए ही यहां आए हैं, आइए और हमें गिरफ्तार कर लीजिए।”
सीजेपी के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने नेताओं को बताया था कि उन्हें जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है। दिपके ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी के नेताओं के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है।
पार्टी ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई नेताओं को प्रस्तावित प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से रोकने की पूर्वनियोजित कोशिश थी। सीजेपी ने इसे आवाजाही की स्वतंत्रता का उल्लंघन बताते हुए तीनों नेताओं की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की। हालांकि, हिरासत की परिस्थितियों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर पार्टी के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
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