पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ में Arthroplasty Conference 2026 के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और चिकित्सा क्षेत्र में नई तकनीकों पर चर्चा हुई
इस दौरान पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल ने AI in Healthcare को लेकर अपनी राय रखी
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 19 सितंबर | AI in Healthcare को लेकर PGI निदेशक प्रो. विवेक लाल ने कहा कि तकनीक डॉक्टर की मदद कर सकती है, लेकिन क्लिनिकल अनुभव का विकल्प नहीं बन सकती। PGI Arthroplasty Conference 2026 में Doctor Experience, Robotic Surgery, Medical Tourism और Joint Replacement से जुड़ी नई तकनीकों पर विशेषज्ञों ने चर्चा की।

AI in Healthcare : डॉक्टर के अनुभव की जगह नहीं ले सकती तकनीक
प्रो. विवेक लाल ने कहा कि AI in Healthcare का इस्तेमाल चिकित्सा क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा है। इससे डॉक्टरों को कई स्तरों पर सहायता मिल सकती है। हालांकि, मरीज के इलाज में डॉक्टर का अनुभव अभी भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि तकनीक डॉक्टर की सहायता करने के लिए है। इसका उद्देश्य डॉक्टर को बदलना नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, इलाज के दौरान तकनीक के साथ मानवीय पहलू को भी बनाए रखना जरूरी है।
प्रो. लाल ने कहा कि मरीज चिकित्सा व्यवस्था का केंद्र होना चाहिए। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को इलाज के दौरान मरीज की जरूरतों और परिस्थितियों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
Doctor Experience : युवा डॉक्टरों को दी अहम सलाह
पीजीआई निदेशक ने युवा डॉक्टरों को अपने Doctor Experience और क्लिनिकल स्किल्स मजबूत करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में लंबे समय तक सफलता के लिए ज्ञान और अनुभव जरूरी हैं।
उन्होंने युवा चिकित्सकों से जल्द आर्थिक लाभ पर ध्यान देने के बजाय अपने कौशल को बेहतर बनाने की बात कही। उनके अनुसार, डॉक्टर और मरीज के बीच विश्वास का रिश्ता चिकित्सा सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
प्रो. लाल ने चिकित्सा पेशे में करुणा, ईमानदारी और नैतिकता को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को मरीजों के भरोसे को बनाए रखने की जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
Medical Tourism : भारत में इलाज को लेकर चर्चा
ऑर्थोपेडिक सर्जरी विभाग के प्रमुख प्रो. विजय जी. गोनी ने Medical Tourism को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारत में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और सर्जिकल तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि भारत में जटिल ऑर्थोपेडिक प्रक्रियाओं के लिए आधुनिक तकनीक उपलब्ध है। उनके अनुसार, इलाज की प्रक्रिया में मरीज की जरूरत के अनुसार उपचार योजना तैयार की जा रही है।
प्रो. गोनी ने कहा कि ऑर्थोपेडिक सर्जरी का क्षेत्र पहले की तुलना में काफी व्यापक हुआ है। इसमें मरीज का चयन, व्यक्तिगत उपचार योजना, सर्जरी और रिकवरी सभी चरण महत्वपूर्ण हैं।
Robotic Surgery : आर्थोपेडिक उपचार में बढ़ता इस्तेमाल
कान्फ्रेंस के दौरान Robotic Surgery और नेविगेशन तकनीक पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि ज्वाइंट रिप्लेसमेंट से जुड़ी प्रक्रियाओं में इन तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ रहा है।
प्रो. गोनी के अनुसार, तकनीक बदलने के बावजूद उपचार का मूल उद्देश्य नहीं बदलता। मरीज को उपचार प्रक्रिया के केंद्र में रखना जरूरी है।
कान्फ्रेंस से पहले आयोजित कैडेवर वर्कशॉप में भी प्रतिभागियों को रोबोटिक्स से जुड़ा व्यावहारिक अनुभव दिया गया। इसमें विशेषज्ञों ने नई तकनीकों के इस्तेमाल से संबंधित जानकारी साझा की।
Arthroplasty Conference 2026 : नई तकनीकों पर विस्तृत चर्चा
Arthroplasty Conference 2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर तक चंडीगढ़ में किया जा रहा है। इसका आयोजन पीजीआईएमईआर के ऑर्थोपेडिक सर्जरी विभाग ने Arthroplasty Society of Tricity के सहयोग से किया है।
कान्फ्रेंस का विषय Mastering the Precision and Newer Techniques in Joint Replacement रखा गया है। कार्यक्रम में लाइव सर्जिकल डेमोंस्ट्रेशन, कैडेवरिक वर्कशॉप और हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग शामिल हैं।
इसके अलावा केस आधारित चर्चाओं का भी आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में टोटल नी आर्थ्रोप्लास्टी, पर्सनलाइज्ड अलाइनमेंट, नेविगेशन और रोबोटिक्स जैसे विषय शामिल हैं।
Joint Replacement : मरीज केंद्रित उपचार पर जोर
Joint Replacement से जुड़ी आधुनिक प्रक्रियाओं पर भी विशेषज्ञों ने जानकारी साझा की। इसमें हिप रिप्लेसमेंट के लिए Direct Anterior Approach और Unicompartmental Knee Arthroplasty जैसे विषय शामिल हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, ज्वाइंट रिप्लेसमेंट में मरीज की स्थिति के अनुसार उपचार योजना तैयार करना महत्वपूर्ण है। सर्जरी से पहले मरीज का चयन और सर्जरी के बाद रिकवरी भी उपचार प्रक्रिया का हिस्सा है।
आयोजन सचिव डॉ. दीपक ने देशभर के संस्थानों से पहुंचे विशेषज्ञों का आभार जताया। ऑस्ट्रेलिया और अफगानिस्तान से आए अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
कान्फ्रेंस में वरिष्ठ विशेषज्ञों, युवा सर्जनों और प्रशिक्षुओं की भागीदारी रही। इसका उद्देश्य नई तकनीकों, उपचार प्रक्रियाओं और व्यावहारिक अनुभवों को साझा करने के लिए मंच उपलब्ध कराना है।
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