चंडीगढ़। कैथल से कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने सोमवार को हरियाणा विधानसभा के प्रश्नकाल में मनरेगा और सफाई कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण गरीबों, विशेषकर एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के मेहनतकशों का रोजगार छीना जा रहा है।
सुरजेवाला ने सदन में कहा कि मनरेगा, जिसे यूपीए सरकार ने गरीबों के लिए ‘रोजगार के अधिकार’ के रूप में शुरू किया था, आज उसकी दिन-दहाड़े हत्या की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि हरियाणा में करीब आठ लाख मजदूर मनरेगा में पंजीकृत हैं, लेकिन महज दो हजार परिवारों को ही पूरे 100 दिन का काम मिल पाया।
विधायक ने सवाल उठाया कि जब पहले 100 प्रतिशत फंडिंग केंद्र सरकार करती थी, तब भी 100 दिन का काम नहीं दिया जा सका, तो अब जब 40 प्रतिशत हिस्सेदारी राज्य सरकार पर है, 125 दिन का काम कैसे दिया जाएगा।
कांग्रेस विधायक ने ग्राम स्वराज की अवधारणा का जिक्र करते हुए कहा कि पहले ग्राम सभा यह तय करती थी कि गांव में कौन-सा काम होगा, लेकिन अब फैसले ऊपर से थोपे जा रहे हैं।
उन्होंने इसे ‘टॉप-डाउन मॉडल’ करार देते हुए पंचायतों के अधिकार छीने जाने का आरोप लगाया। सुरजेवाला ने कैथल की सफाई व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कैथल में सफाई कर्मचारी दो महीने से धरने पर हैं और पिछले 11 वर्षों में एक भी पक्का सफाई कर्मचारी नहीं लगाया गया। उन्होंने ठेका प्रथा को तुरंत खत्म करने, हटाए गए 160 सफाई कर्मचारियों को वापस काम पर लेने और उनकी पक्की भर्ती की मांग की।
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