Aashirwaad Ka Diya कार्यक्रम के तहत Chandigarh के Sector-17 Plaza में करीब 50,000 मिट्टी के दीये जलाए गए
पहल में 100 कुम्हार परिवारों और SHGs की भागीदारी रही
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 17 सितंबर | Aashirwaad Ka Diya कार्यक्रम ने ‘Vocal for Local’ को बढ़ावा दिया। Sector-17 Plaza में 50,000 दीयों के साथ स्थानीय कारीगरों और Self Help Groups की प्रतिभा प्रदर्शित हुई।

Aashirwaad Ka Diya कार्यक्रम से जगमगाया Sector-17 Plaza
चंडीगढ़ का सेक्टर-17 प्लाजा गुरुवार को करीब 50,000 पारंपरिक मिट्टी के दीयों की रोशनी से जगमगा उठा। नगर निगम चंडीगढ़ की ओर से ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी ने किया। इस दौरान नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, आईएएस, संयुक्त आयुक्त डॉ. हिमांशु गुप्ता, बलबीर राज सिंह और डॉ. इंदरजीत मौजूद रहे।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. इंदरदीप कौर सहित नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल हुए। स्थानीय कुम्हार परिवारों, Self Help Groups (SHGs) और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
50,000 दीयों से रोशन हुआ Sector-17 Plaza
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण करीब 50,000 मिट्टी के दीयों का सामूहिक प्रज्वलन रहा। हजारों दीयों की रोशनी से पूरा सेक्टर-17 प्लाजा रोशन हो गया और वहां उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
इस पहल के जरिए सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक भागीदारी को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में पारंपरिक मिट्टी के दीयों का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया गया।
इससे स्थानीय कुम्हारों की पारंपरिक कला और शिल्प को प्रोत्साहन मिला। कार्यक्रम में करीब 100 स्थानीय कुम्हार परिवारों को जोड़ा गया था।
‘Vocal for Local’ को मिला बढ़ावा

नगर निगम की इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य ‘Vocal for Local’ की भावना को बढ़ावा देना रहा। स्थानीय कुम्हार परिवारों द्वारा तैयार किए गए मिट्टी के दीयों का इस्तेमाल कर उनकी पारंपरिक कला को मंच दिया गया।
मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि यह पहल भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने के साथ स्थानीय कारीगरों को सहयोग देने का भी माध्यम है।
उन्होंने कहा कि हर मिट्टी का दीया स्थानीय कुम्हारों की मेहनत और हुनर का प्रतीक है। उनके अनुसार स्थानीय कारीगरों को समर्थन देने से जमीनी स्तर की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलती है।
SHGs ने रंगोलियों से बढ़ाई कार्यक्रम की रौनक
कार्यक्रम में विभिन्न Self Help Groups की महिलाओं ने भी सक्रिय भागीदारी की। SHG सदस्यों ने सेक्टर-17 प्लाजा में आकर्षक और कलात्मक रंगोलियां तैयार कीं।
इन रंगोलियों में उनकी रचनात्मकता और पारंपरिक कौशल की झलक देखने को मिली। इससे कार्यक्रम का सांस्कृतिक और उत्सवी स्वरूप और अधिक प्रभावी बना।
मेयर ने SHGs की भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिला नेतृत्व वाले समूह सामुदायिक विकास और आजीविका के अवसर बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
स्थानीय कारीगरों और SHGs को मिलेगा लाभ
मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि स्थानीय कारीगरों और Self Help Groups को समर्थन देने वाली पहल जमीनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करती हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से स्थानीय स्तर पर टिकाऊ आजीविका के अवसर तैयार करने में मदद मिलती है। साथ ही पारंपरिक शिल्प और स्थानीय प्रतिभा को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कार्यक्रम में नागरिकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की भी सराहना की।
हजारों दीयों ने दिया सेवा और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश
मेयर ने कहा कि हजारों दीयों का सामूहिक प्रज्वलन केवल रोशनी तक सीमित नहीं है। यह आशा, सकारात्मकता, सेवा और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक भी है।
सेक्टर-17 प्लाजा में बड़ी संख्या में नागरिकों और आगंतुकों ने कार्यक्रम का हिस्सा बनकर इस पहल का समर्थन किया। दीयों की रोशनी से प्लाजा का वातावरण उत्सवपूर्ण नजर आया।
कार्यक्रम ने सेवा संकल्प अभियान के साथ सामुदायिक भागीदारी और स्थानीय कारीगरों के समर्थन का संदेश भी दिया।
नगर निगम अधिकारियों ने कुम्हार परिवारों और SHGs की सराहना की
नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, आईएएस और वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्यक्रम में शामिल कुम्हार परिवारों और SHGs के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने स्वयंसेवकों और नागरिकों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया। अधिकारियों के अनुसार ऐसे सामुदायिक कार्यक्रमों से स्थानीय प्रतिभा और नागरिक भागीदारी को मंच मिलता है।
कार्यक्रम के दौरान सेक्टर-17 प्लाजा में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
सेवा संकल्प अभियान के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प
कार्यक्रम का समापन स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहित करने और Self Help Groups को सशक्त बनाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
इस दौरान समुदाय आधारित पहलों को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। नगर निगम की इस पहल ने सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय रोजगार और जनभागीदारी को एक साथ जोड़ने का संदेश दिया।
Aashirwaad Ka Diya कार्यक्रम के जरिए सेक्टर-17 प्लाजा में 50,000 दीयों की रोशनी के बीच स्थानीय कुम्हार परिवारों और SHGs की भागीदारी भी प्रमुख रूप से सामने आई।
