चंडीगढ़ / 10जनवरी : शिरोमणी अकाली दल ने आज कहा है कि आम आदमी पार्टी अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ झूठे मामले में जांच शुरू करके उन्हे निशाना बनाना के लिए धर्म को ढ़ाल का इस्तेमाल कर रही है। बलविंदर सिंह भूंदड़, महेशइंदर सिंह ग्रेवाल और डाॅ. दलजीत सिंह चीमा सहित अकाली दल की वरिष्ठ लीडरशीप ने यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा,‘‘ आम आदमी पार्टी ने राजनीतिक नाकामी के बाद अकाली लीडरशीप को निशाना बनाने का फैसला किया है। श्री दरबार साहिब की परिक्रम के दौरान सरदार सुखबीर बादल पर हुए हमले से शुरू हुई घटना ,जो बाद में सरकार प्रायोजित साबित हुआ, अब लुधियाना और बठिंडा में अकाली दल अध्यक्ष से जुड़े आयकर वकीलों को परेशान किया जा रहा है।’’

यह कहते हुए कि यह सब आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल द्वारा अकाली नेतृत्व के खिलाफ व्यक्तिगत बदलाखोरी की भावना के तहत किया जा रहा है, सरदार ग्रेवाल और डाॅ. चीमा ने कहा,‘‘ सरदार सुखबीर सिंह बादल इस तरह के तरीकों से कभी नही डरेंगें। उन्होने लगातार आम आदमी पार्टी की सरकार और उसकी पंजाबी विरोधी नीतियों को उजागर किया है और आगे भी मजबूती से ऐसा करना जारी रखेंगें।’’

नेताओं ने इस बात की निंदा करते हुए कहा कि शिरोमणी कमेटी द्वारा नियुक्त एक अकाउंटेंट की गिरफ्तारी को 328 स्वरूपों के मुददे से जोड़कर अकाली दल अध्यक्ष को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि इस मामले का मुख्य आरोपी एसजीपीसी का पूर्व कर्मचारी जसप्रीत सिंह है, जो अब अमृतसर योजना बोर्ड के अध्यक्ष के साथ-साथ आम आदमी पार्टी के अमृतसर जिला अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे हैं।

अकाली नेताओं ने कहा कि अरविंद केजरीवाल व्यक्तिगत बदलाखोरी का सहारा ले रहे हैं, क्योंकि उन्हें स. बिक्रम सिंह मजीठिया पर निराधार आरोप लगाने के लिए हलफनामा दाखिल करने और उनसे माफी मांगनी पड़ी थी। उन्होने कहा कि पहले स. मजीठिया के खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया गया और फिर उनकी सुरक्षा में भारी कटौती की गई। उन्होने कहा,‘‘ अब केंद्रीय खूफिया जानाकरी से यह स्पष्ट हो गया है कि स. मजीठिया बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के निशाने पर हैं, लेकिन फिर भी उन्हे हिरासत में सुरक्षित रखने के लिए कुछ भी नही किया जा रहा है।

