आम आदमी पार्टी सरकार गमाडा जैसे बोर्डों से पैसे उधार लेकर उन्हे दिवालिया कर रही
न्यूज़म ब्यूरो
चंडीगढ़, 20 जनवरी : शिरोमणी अकाली दल ने आज कहा है कि आम आदमी पार्टी सरकार पंजाब को वित्तीय इमरजेंसी की ओर धकेल रही और गमाडा जैसे बोर्डों से पैसा उधार लेकर उन्हें दिवालिया कर रही है, केंद्रीय फंडों का दुरूपयोग करके और छापे और जबरन जुर्माना लगाकर व्यापार और कारोबार को परेशान कर रही है। यहां एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए अकाली दल के वरिष्ठ नेता एनके शर्मा ने कहा कि राज्य का कर्ज बढ़कर 4.25 लाख करोड़ रूपये तक पहुंच गया है और राज्य में सरकार के कार्यकाल के आखितर तक यह कर्जा 5 लाख तक पहुंच जाएगा। उन्होने दावा किया कि इससे जीएसडीपी के मुकाबले कर्ज का अनुपात 50 फीसदी से अधिक हो जाएगा और राज्य दिवालिया घोषित होने के अलावा अपने कर्मचारियों को वेतन नही दे पाएगा।
यह कहते हुए कि पंजाब दिवालिया अर्थव्यवस्था के प्रभावों को महसूस कर रहा है , श्री एनके शर्मा ने कहा कि आटा-दाल, शगुन, पेंशन, अनुसूचित जाति, छात्रवृत्ति, तीर्थ यात्रा, मुफ्त दवाएं, साइकिल और खेल किट जैसे सभी सामाजिक भलाई योजनाओं को रोक दिया गया है। उन्होने यह भी कहा कि सरकारी कर्मचारियों और जनता से ‘चढ़दी कला कोष ’ के तहत इकटठी की गई धनराशि का उपयोग बाढ़ राहत यां किसी अन्य जनहितकारी कार्य के लिए नही किया गया है।

शर्मा ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार जीएमएडीए जैसी संस्थाओं के फंड का दुरूपयोग करके उन्हे तबाह कर रही है। उन्होने कहा,‘‘ सरकार ने जीएमएडीए से 12 हजार करोड़ रूपये लिए हैं, लेकिन इस बारे में कोई रोडमैप नही है कि इस फंड का इस्तेमाल बुनियादी ढ़ांचे को मजबूत करने यां किसी अन्य संबंधित गतिविधि के लिए कैसे किया जाएगा। इसी तरह इसने केंद्र सरकार द्वारा जमा किए गए आपदा राहत कोष से 12 हजार करोड़ रूपये का उपयोग किया है और इस पैसे का इस्तेमाल विज्ञापनों और पब्लिसिटी स्टंट पर किया गया है।’’
अकाली नेता ने सरकार के इस दुष्प्रचार को भी खारिज कर दिया कि वह पिछली सरकारों की गलतियों के कारण प्रभावित हो रही है। उन्होने कहा कि अकाली दल के कार्यकाल के अंत में 2017 में कुल 1.38 लाख करोड़ रूपये का कर्ज था, जो कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बढ़कर 2.08 करोड़ रूपये हो गया और अब 4.25 लाख करोड़ रूपये हो गया है।’’ उन्होने कहा कि पिछली अकाली सरकार ने नए थर्मल पावर प्लांट स्थापित करके और बिजली पारेषण में 8हजार किलोमीटर की बढ़ोतरी करके बिजली के बुनियादी ढ़ांचे का निर्माण किया था। अकाली सरकार ने हवाई अडडों और 90 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया था। इसके ठीक विपरीत आप सरकार ने पिछले चार सालों में राज्य में बिजली की एक यूनिट बढ़ालने में नाकाम रही है।’’ उन्होने कहा कि केवल सड़कों की मरम्मत का काम शुरू किया गया है, जिसके लिए बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के लिए टेंडर जारी किए गए। उन्होने कहा,‘‘ इसके लिए भी मुख्यमंत्री को काम का श्रेय देने के लिए मार्केट कमेटियों से 129 करोड़ रूपये का कर्ज लिया गया है।’’

कारोबार की स्थिति और पंजाब से इसके पलायन के बारे में बात करते हुए शर्मा ने कहा कि व्यापार और उद्योग दोनों ही गैंगस्टरों और राज्य सरकार द्वारा की जा रही जबरन वसूली से पीड़ित है। उन्होने कहा कि निर्यात नियंत्रण एजेंसियों (ईटीओ) को हर महीने पांच औद्योगिक परिसरों पर छापा मारने का दिया गया है ताकि न्यूनतम कम से कम 8 लाख रूपये का जुर्माना वसूला जा सके। उन्होने पूछा,‘‘ मंडी गोविंदगढ़ में बिजली की कीमत 9 से 10 रूपये प्रति यूनिट है, जबकि बददी में यह 5 रूपये प्रति यूनिट है। ऐसी परिस्थितियों में उद्योग पंजाब में क्यों रहेगा? उन्होने कहा कि इन्ही कारणों से पंजाब से निर्यात 2017 में अकाली दल के कार्यकाल के दौरान 5700 मिलियन डाॅलर से घटकर अब 1800 मिलियन डाॅलर रह गया है।
अकाली नेता ने यह भी बताया कि अकाली सरकार की शुरूआत के दौरान पांच लाख विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़कर अंत तक दस लाख हो गई थी, लेकिन अब वह फिर से घटकर 5 लाख के आंकड़े पर पहुंच गई है। उन्होने कहा,‘‘ आप सरकार ने पंजाब में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक भी बोर्ड नही लगाया है, बल्कि देश के सभी हवाई अडडों पर मुख्यमंत्री के विज्ञापन चिपका दिए हैं।’’