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गर्व की बात है कि नए आपराधिक कानूनों को पूर्ण रूप से लागू करने में हरियाणा देश में दूसरे स्थान पर : नायब सिंह सैनी

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न्यूज़म ब्यूरो

चण्डीगढ़, 27 फरवरी : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश  में शांति, सुरक्षा और कानून के राज को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं। आज इसके सकारात्मक परिणाम धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री नायब सिंह आज राज्यपाल के अभिभाषण के जवाब में विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों के दौरान बोल रहे थे।

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उन्होंने बताया कि हरियाणा के लिए गर्व की बात है कि नए आपराधिक कानूनों को पूर्ण रूप से लागू करने में हरियाणा देश में दूसरे स्थान पर है। राज्य में बेहतर जांच और मॉडर्न पुलिसिंग के परिणास्वरूप 1 जुलाई, 2024 से अब तक पंजीकृत मामलों में सज़ा की दर बढ़कर 74.13 प्रतिशत हो गई है। वर्ष 2004 से 2014 तक मर्डर के मामलों में वार्षिक   3.81 प्रतिशत  की वृद्धि थी। जबकि, वर्ष 2014 से 2025 तक यह वार्षिक दर घटकर 1.75 प्रतिशत रह गई है। इसी प्रकार, वर्ष 2004 से 2014 तक दंगों के मामलों में वार्षिक 9.74 प्रतिशत  की वृद्धि थी। जबकि, वर्ष 2014 से 2025 तक यह वार्षिक दर घटकर 2.41 प्रतिषत रह गई है।

उन्होंने बताया कि पुलिस बल के आधुनिकीकरण पर 300 करोड़ रुपये की राशि खर्च की है। साथ ही, 5,500 नए पुलिस जवानों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। डायल-112 के ज़रिए 9 मिनट और 44 सेकंड का तेज़ रिस्पॉन्स टाइम जवाबदेह गवर्नेंस सिस्टम की निशानी है।

’नशा-मुक्त हरियाणा के संकल्प के साथ, हमारी सरकार एक्शन प्लान-2029 के साथ मज़बूती से आगे बढ़ रही है’ 

उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार नशे के पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। इसके लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है, नषे के सौदागरों पर षिकंजा कसा जा रहा है और  नशा पीड़ितों की पहचान करके उनका इलाज किया जा रहा है। नशे के विरुद्ध लड़ाई में पड़ोसी राज्यों का सहयोग लेने के लिए हरियाणा के पंचकुला में अंतर्राज्यीय सचिवालय स्थापित किया है। इस सचिवालय में उत्तर भारत के 7 राज्य – हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, उत्तराखंड और राजस्थान के प्रतिनिधि आपस में नशे पर रोकथाम लगाने के लिए सूचनाओं को सांझा करते हैं।

ड्रग्स के खिलाफ राष्ट्रीय युद्ध के लिए गृह मंत्रालय ने मानस पोर्टल षुरू किया है। इसकी निगरानी स्वयं केन्द्रीय गृह मंत्री करते हैं। इस पर नशे  के अवैध कारोबार की जानकारी देने वाले व्यक्ति का नाम गुप्त रखा जाता है। नशा-मुक्त हरियाणा के संकल्प के साथ, हमारी सरकार एक्शन प्लान-2029 के साथ मज़बूती से आगे बढ़ रही है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में NDPS  के 3,823 मामले दर्ज किए गए तथा इनमें 5,119 लोगों को गिरफ्तार किया गया। जबकि, वर्ष 2024 में 3,331 मामले दर्ज किए गए तथा 5,094 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसी प्रकार, NDPS  के कॉमर्शियल मात्रा के मामलों में वर्ष 2024 में पिछले वर्ष की तुलना में 37 प्रतिशत तथा गिरफ्तारियों में 69 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में NDPS  के 54 प्रतिशत केसों में सजा हुई है, जबकि पिछले वर्ष 48 प्रतिशत केसों में सजा हुई थी। नशा तस्करों की लगभग 53 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है तथा 111 संपत्तियों को गिराया गया है। नशा मुक्ति अभियान चलाकर 3,350 गांवों तथा 876 वार्डों को नशा मुक्त घोषित किया गया है। इसी प्रकार, नशा करने वाले 7,523 लोगों की पहचान कर उनका इलाज करवाया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘हरियाणा उदय’ अभियान के तहत 2,482 कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 16 लाख 50 हजार लोगों ने भाग लिया। हरियाणा ने पिछले पांच सालों में नषीले पदार्थों की तस्करी में लगे करीब 26 हजार अपराधियों को जेल भेजा है। पिछले साल ऐसे करीब 5 हजार लोग गिरफ्तार हुए। इसमें से करीब एक हजार बड़े तस्कर थे, जिनसे कमर्शियल क्वांटिटी में ड्रग्स की रिकवरी हुई।

उन्होंने बताया कि अपराधियों को सजा दिलाने के कार्य में तेजी लाने में फास्ट ट्रैक कोर्ट, त्वरित एफ.एस.एल. रिपोर्ट एवं अंडर-ट्रायल मुकदमों की पैरवी बड़े कारगर साबित हुए हैं। हम अंडर ट्रायल मुकदमों में सजा की दर को 41 प्रतिषत से बढ़ाकर 54 प्रतिषत करने में सफल हुए हैं। नषे के खिलाफ दूसरा कदम नशे  की आदत के शिकार  लोगों का उपचार व उनका पुनर्वास करना है। इस दिषा में हमने हरियाणा में 161 नशा मुक्ति और परामर्ष एवं पुनर्वास केन्द्र खोले हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नशे  के खिलाफ तीसरा कदम लोगों में जागरूकता फैलाना है। इसके लिए हम नशे के विरुद्ध जागरूकता पैदा करने के लिए संतों-महात्माओं, स्वयंसेवी संस्थाओं और नागरिक संस्थाओं के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

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