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धरने पर बैठे किसान की मौत के लिए सरकार जिम्मेदार, मुआवजा न मिलने से किसान हताश : दुष्यंत चौटाला

खेतों में जल निकासी का प्रबंध नहीं होने के चलते हजारों एकड़ में अगली फसल की बिजाई नहीं हुई : दुष्यंत चौटाला

 

चंडीगढ़, 5 दिसंबर। हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि प्रदेश सरकार में मंत्री ही अपनी ससुराल के गांवों में भरा पानी अभी तक नहीं निकाल पाए हैंइससे सरकार की किसानों के प्रति उदासीनता व संवेदनहीनता स्पष्ट है। दुष्यंत चौटाला वीरवार को हिसार में पत्रकारों से रूबरू थे। दुष्यंत चौटाला ने गांव बालसमंद में धरने पर बैठे किसान की मौत को लेकर सरकार को जिम्मेदार बताया और कहा कि पिछले ढाई महीने से सरकार न तो गांवों से बारिश और बाढ़ से भरे हुए पानी को निकालने की व्यवस्था कर पाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज भी हजारों एकड़ जमीन पर अगली फसल की बुआई नहीं हो सकी है और ना ही किसानों को मुआवजा मिला हैजिसके चलते किसान हताश और निराश हैं।

 

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वहीं पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने ये भी कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की इससे बदतर हालत क्या हो सकती हैआए दिन लूटडकैतीफिरौती व अपहरण जैसी वारदातें हो रही हैवहीं मुख्यमंत्री हैं कि अपने ही राग अलाप रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के एक साल के कार्यकाल में एक भी नई योजना को प्रदेश में मुख्यमंत्री नहीं ला सके। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि आज प्रदेश के खराब हालात साबित करते है कि प्रदेश की सरकार मुख्यमंत्री के हाथ में ना होकर केंद्र में बैठे नेता चला रहे हैंजिन्हें प्रदेश की जनता से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि जनहित योजनाओं से आमजन को अछूता करने वाली भाजपा सरकार केवल झूठी घोषणाएं कर आमजन को गुमराह कर रही है। दुष्यंत ने कहा कि मौजूदा हालात से समाज का हर वर्ग पीड़ित हैं। उन्होंने प्रदेश की जनता से अपील करते हुए कहा कि आज प्रदेश में बदलाव लाने के लिए जजपा का साथ दें और जुलाना में होने वाले स्थापना दिवस समारोह में भारी संख्या में शामिल होकर सरकार की भ्रष्ट व दमनकारी नीतियों के खिलाफ महा हुंकार भर रैली को कामयाब बनाएं।

  

जींद विश्वविद्यालय में छात्राओं के यौन शोषण के मामले के संबंध में पूछे गए सवाल पर दुष्यंत चौटाला ने कहा आज प्रदेश में हर यूनिवर्सिटी के अंदर बुरे हालात है। उन्होंने कहा कि रोहतक एमडीयू में तो विद्यार्थियों के भविष्य के साथ ही खिलवाड़ किया जा रहा है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि नैक रेटिंग रद्द होने के बावजूद भी सरकार को इसकी जानकारी नहीं दी गई। जेजेपी के डेलिगेशन के साथ गत दिन उन्होंने महामहिम राज्यपाल को इस विषय से अवगत कराया और ज्ञापन भी सौंपा।  इससे पूर्व दुष्यंत चौटाला ने जुलाना रैली को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और विभिन्न गांवों का दौरा करके ग्रामीणों को रैली का न्योता दिया।

 

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