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‘संचार साथी ऐप’ नागरिकों की गोपनीयता का उल्लंघन और निगरानी का उपकरण है : राव नरेंद्र सिंह

चंडीगढ़। दूरसंचार विभाग द्वारा लॉन्च किए गए ‘संचार साथी ऐप’ को साइबर फ्रॉड से बचाव के नाम पर सभी नए मोबाइल हैंडसेट्स में प्री-इंस्टॉल करने और उसे अनइंस्टॉल न किए जा सकने का आदेश जारी किया गया है। इस निर्णय पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि यह ऐप गोपनीयता का खुला उल्लंघन है तथा नागरिकों की गतिविधियों पर निगरानी रखने वाला उपकरण है।
“नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों पर बढ़ते हमलों की श्रृंखला का नया अध्याय है ‘संचार साथी ऐप’” : राव नरेंद्र सिंह
 
 
 
चंडीगढ़। दूरसंचार विभाग द्वारा लॉन्च किए गए ‘संचार साथी ऐप’ को साइबर फ्रॉड से बचाव के नाम पर सभी नए मोबाइल हैंडसेट्स में प्री-इंस्टॉल करने और उसे अनइंस्टॉल न किए जा सकने का आदेश जारी किया गया है। इस निर्णय पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि यह ऐप गोपनीयता का खुला उल्लंघन है तथा नागरिकों की गतिविधियों पर निगरानी रखने वाला उपकरण है।
 
 
उन्होंने इसे असंवैधानिक, तानाशाही प्रवृत्ति का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह कदम अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) का सीधा उल्लंघन है।
 
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि प्री-लोडेड यह ऐप हर भारतीय की गतिविधियों, बातचीत और निजी निर्णयों पर नजर रखने की क्षमता रखता है। यह “पेगासस से भी आगे का हमला” है और नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों पर लगातार हो रहे हमलों की श्रृंखला का हिस्सा है।
 
उन्होंने इस ऐप को निगरानी तंत्र बताते हुए इसे “हास्यास्पद और खतरनाक” करार दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकों को अपने परिवार और मित्रों से संवाद करने का पूरा अधिकार है—वह भी बिना सरकारी निगरानी के। यह देश को तानाशाही की ओर धकेलने का प्रयास है और लोगों के फोन में खुलेआम घुसपैठ कर, फ्रॉड रिपोर्टिंग के नाम पर हर नागरिक की जासूसी करने की रणनीति है।
 
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि साइबर सुरक्षा आवश्यक है, लेकिन इसे बहाना बनाकर नागरिकों के फोन में “ब्लैंकेट एक्सेस” लेना सीधा-सीधा निजी जीवन पर हमला है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इससे “वोट चोर तानाशाह” जनता के फोन और निजी जीवन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।
 
उन्होंने यह भी कहा कि विश्वसनीय वैश्विक न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स ने भी चेतावनी दी है कि अनइंस्टॉल न होने वाले ऐसे ऐप्स से नागरिकों की गोपनीयता गंभीर खतरे में पड़ सकती है।
 
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि यह कदम न सिर्फ व्यक्तिगत गोपनीयता, बल्कि व्यवसाय, व्यापार और संचार तंत्र को भी प्रभावित करेगा।
साइबर क्राइम रोकने के नाम पर उठाया गया यह कदम लोकतंत्र में प्रदत्त मूलभूत संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करता है।
 
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह लोकतंत्र पर सीधा प्रहार और नागरिक अधिकारों का घोर हनन है।
हम इसे पूरी तरह अस्वीकार करते हैं और इसके तत्काल वापस लिए जाने की मांग करते हैं।

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