नई दिल्ली/चंडीगढ़, 27 नवंबर। 'आप' सांसद मलविंदर सिंह कंग ने भारत के उपराष्ट्रपति और पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) के कुलाधिपति (चांसलर) श्री सी.पी. राधाकृष्णन को पत्र लिखकर पंजाब यूनिवर्सिटी की कानूनी स्वतंत्रता की रक्षा पर विस्तृत चर्चा के लिए मुलाकात का समय मांगा है।
सांसद कंग ने केंद्र सरकार के 28 अक्टूबर, 2025 को यूनिवर्सिटी की सीनेट और सिंडिकेट के पुनर्गठन संबंधी जारी किए गए नोटिफिकेशन को वापस लेने के फैसले का स्वागत किया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सरकारी कदम छात्रों की मांगों का पूर्ण समाधान नहीं है।
अपने पत्र में, उन्होंने लिखा कि 1882 में स्थापित पंजाब यूनिवर्सिटी राष्ट्रीय महत्व की संस्था है, और इसकी स्वायत्तता इसके लोकतांत्रिक ढांचे और अकादमिक गरिमा की नींव है। उन्होंने जोर दिया कि कोई भी बदलाव 1947 के पंजाब यूनिवर्सिटी एक्ट और भारत के संघीय ढांचे के अनुरूप होना चाहिए।
यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र नेता और सीनेट सदस्य के रूप में अपने अनुभव का हवाला देते हुए, सांसद कंग ने कहा कि वह पीयू से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं और इसके छात्रों, फैकल्टी तथा पूर्व छात्रों की आकांक्षाओं और भावनाओं को समझते हैं।
उन्होंने यूनिवर्सिटी के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करने और कुलाधिपति के रूप में उनका मार्गदर्शन लेने के लिए उपराष्ट्रपति से जल्द मुलाकात की विनती की है।
कंग ने विश्वास व्यक्त किया कि उपराष्ट्रपति के नेतृत्व में, पंजाब यूनिवर्सिटी उत्कृष्टता और समावेशन के केंद्र के रूप में तरक्की करती रहेगी।
पढ़ने के लिए धन्यवाद
आपका समय और भरोसा हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अगर यह खबर आपके लिए उपयोगी रही, तो हमसे जुड़े रहें — हर ज़रूरी खबर के लिए Newsam को फ़ॉलो करें।